SIR पर विपक्ष के हमलों के बीच चुनाव आयोग की आई प्रतिक्रिया, कहा- विचारों में मतभेद का मतलब टकराव नहीं, एसआईआर समेत सभी फैसले बहुमत से लिए गए

चुनाव आयोग ने कहा कि पिछले 10 महीने में लिए गए कुछ फैसलों को हाइलाइट करना तस्वीर का एक पहलू है। हाल के महीनों में कमीशन ने कई फैसले लिए हैं, निर्देश जारी किए हैं। लगभग 40 नई पहल शुरू की गई हैं। देशभर में इलेक्टोरल रोल रिविजन (SIR) समेत कई इलेक्टोरल सुधार किए गए हैं। पिछले एक साल में ये सभी फैसले पूरे कमीशन के एकमत से लिए गए हैं।

 
Follow :
SIR पर बवाल के बीच चुनाव आयोग की आई प्रतिक्रिया | Image: ANI

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR को लेकर एक बार फिर देश में सियासी बवाल मचा हुआ है। एक मीडिया रिपोर्ट में कथित रूप से चुनाव आयोग के सदस्यों के बीच मतभेद की खबर छपी थी। इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी नेताओं ने जोरदार हमला बोला। अब चुनाव आयोग की तरफ से एक प्रतिक्रिया सामने आई है।

September 23, 2026

चुनाव आयोग के सदस्यों में कथित मतभेद की खबरों के बीच ECI ने एक बयान जारी किया है। इसमें मीडिया में चल रही इस रिपोर्ट का खंडन किया गया है कि SIR समेत कई मुद्दों पर इनके तीन सदस्यों के बीच मतभेद है। रिपोर्ट में कहा गया था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बाकी दो सदस्यों यानी सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की आपत्तियों को तवज्जो नहीं दे रहे हैं।

चुनाव आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया में क्या कहा?

चुनाव आयोग के बयान में कहा गया है कि ECI एक संवैधानिक संस्था है जो संविधान के आर्टिकल 324, कानूनी नियमों और स्थापित संस्थागत परंपराओं के तहत काम करती है। आयोग एक मल्टी-मेंबर संवैधानिक संस्था के तौर पर काम करता है। किसी भी संस्था में अलग-अलग राय और ऑब्जर्वेशन बातचीत का नॉर्मल प्रोसेस है। इसमें कहा गया है कि सिर्फ तीन कमिश्नर ही नहीं बल्कि आयोग का हर अधिकारी इलेक्टोरल सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कमीशन को अपने सुझाव देने के लिए ऑथराइज्ड है। 

पिछले 10 महीने में लिए गए कुछ फैसलों को हाइलाइट करना तस्वीर का एक पहलू है। हाल के महीनों में कमीशन ने कई फैसले लिए  हैं, निर्देश जारी किए हैं। लगभग 40 नई पहल शुरू की गई हैं। देशभर में इलेक्टोरल रोल रिविजन (SIR) समेत कई इलेक्टोरल सुधार किए गए हैं। पिछले एक साल में ये सभी फैसले पूरे कमीशन के एकमत से लिए गए हैं।

चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगा?

मीडिया रिपोर्ट में कथित दावा किया गया था कि पिछले 10 महीनों में दो चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज किए थे। ये आपत्तियां मुख्य रूप से SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़ीं थी। रिपोर्ट के अनुसार दोनों आयुक्तों ने कहा कि कुछ फैसले और आदेश उनकी जानकारी और मंजूरी के बिना लिए गए। इन आरोपों का चुनाव आयोग ने स्पष्ट रूप से खंडन किया है।

विपक्ष ने मीडिया रिपोर्ट के बाद बोला जोरदार हमला

चुनाव आयोग को लेकर छपी मीडिया रिपोर्ट को विपक्षी पार्टियों ने खूब जोर शोर से उछाला। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह, कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी समेत कई पार्टियों के नेताओं ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग कर डाली।
 

September 23, 2026

AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आज हम इस प्रेस वार्ता के जरिए मांग करते हैं कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ़्तार किया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाए। पिछले कुछ सालों में जितने भी चुनाव हुए हैं, दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में हाल ही में हुए चुनावों को रद्द करके दोबारा कराया जाए।

September 23, 2026

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। जानिए उन्होंने ने क्या कहा?

September 23, 2026



 

Published By : Sujeet Kumar

पब्लिश्ड 23 September 2026 at 14:46 IST