'रास्ते में ड्रामा करने निकली हैं, जिंदगी भर...', बारुईपुर कांड को लेकर ममता बनर्जी के कैंडल मार्च पर भड़के मंत्री दिलीप घोष
बारुईपुर में नाबालिग लड़की के साथ रेप और हत्या के मामले पर ममता बनर्जी के कैंडललाइट मार्च पर राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने तंज कसा है।
- भारत
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पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में नाबालिग लड़की के साथ रेप और हत्या के मामला तूल पकड़ता जा रहा है। नाबालिग के साथ हुई हैवानियत और उसके बाद हत्या की घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस जघन्य अपराध के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी खुद सड़क पर उतर आईं। उन्होंने शनिवार को बारुईपुर इलाके में कैंडललाइट मार्च निकाला और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की। अब ममता बनर्जी के इस कदम पर राज्य सरकार में मंत्री दिलीप घोष की प्रतिक्रिया आई है।
ममता बनर्जी ने बंगाल सरकार से पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। बड़ी संख्या में TMC के नेताओं के साथ उन्होंने बारुईपुर इलाके में कैंडललाइट मार्च निकाला। हालांकि, ममता बनर्जी के इस आंदोलन को लेकर अब राजनीतिक बवाल तेज हो गया है। सुवेंदु सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके मार्च को ‘रास्ते का ड्रामा’ करार दिया है।
रास्ते में ड्रामा करने निकली हैं-दिलीप घोष
ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "लोगों ने उनको विपक्ष में बैठने का मौका दिया है। खुद जीतकर नहीं आ पाई इतनी लोकप्रिय नेता हैं। फिर रास्ते में ड्रामा करने निकली हैं। आप विपक्ष में हैं। आपको आंदोलन करना आता है, जिंदगी भर वही किया है। विकास जानते ही नहीं हैं। उनके राज में हजारों रेप और मर्डर हुए हैं कभी रास्ते पर उनको देखा है? किसी पीड़ित के घर जाकर सांत्वना देते हुए? नहीं देखा है।"
ममता सिर्फ आंदोलन की राजनीति करती है-दिलीप घोष
दिलीप घोष ने आगे कहा, “ममता बनर्जी को विकास करना नहीं आता, ना ही प्रदेश की विकास से उनका कोई लेना-देना है। उन्हें सिर्फ आंदोलन की राजनीति आती है। जब तक सत्ता में रहती हैं, अपराध बढ़ते हैं और जब विपक्ष में जाती हैं तो कैंडल मार्च निकालकर ड्रामा करती हैं।”
बारुईपुर में क्या हुआ?
बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में रविवार (5 जुलाई) सुबह नाबालिग का शव घर के पास तालाब से मिलने से तनाव फैल गया। परिजनों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर शव तालाब में फेंकने का आरोप लगाया है। इस दौरान भीड़ की पिटाई से एक युवक की भी मौत हो गई। इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 7 July 2026 at 08:52 IST