'धर्मेंद्र जी आपने मेरी पहचान करा दी, मैं अति पिछड़े समाज से हूं, अखिलेश जी मेरे दोस्त हैं', PM मोदी के ऐसा कहते ही सपा सुप्रीमो ने जोड़ लिया हाथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा, धमेंद्र जी मैं आपका बहुत आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करा दी। मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं।
लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सपा सांसद धमेंद्र यादव के जातिसूचक बयान पर ऐसा जवाब दिया कि अखिलेश यादव को भी हाथ जोड़ना पड़ा। वहीं, इस दौरान सदन में मौजूद सभी सांसद भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। पीएम मोदी ने धमेंद्र यादव का आभार भी जताया।
महिला आरक्षण बिल चर्चा को दौरान पीएम मोदी ने लोकसभा में पीएम मे कहा, आज से 25-30 साल पहले जिसने भी इसका विरोध किया, वह विरोध राजनीतिक सतह से नीचे नहीं गया लेकिन आज ऐसा समझने की गलती न करें। पीएम मोदी के भाषण के बीच में सपा सांसद धमेंद्र यादव खड़े हुए और आरोप लगाया कि बिल में पिछड़ा जाति को दरकिनार किया गया है। धमेंद्र यादव ने कहा, 'आप खुद पिछड़ी जाति का होकर पिछड़ों पर ध्यान नहीं दिया। ये पूरा देश देख रहा है।'
धर्मेंद्र जी आपने मेरी पहचान करा दी-पीएम मोदी
धमेंद्र यादव को जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा, धमेंद्र जी मैं आपका बहुत आभारी हूं कि आपने मेरी पहचान करा दी। अखिलेश जी मेरे मित्र हैं तो कभी-कभी मेरी मदद कर देते हैं। पीएम मोदी ने जैसी ही ये बात कही, अखिलेश यादव हाथ जोड़कर हंसने लगे। पीएम मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि ये बात सही कि मैं अति पिछड़े समाज से आता हूं लेकिन मेरा दायित्व समाज के सभी लोगों को साथ लेकर चलने का है। मेरे संविधान ने मुझे यही रास्ता दिखाया है, मेरे लिए संविधान ही सर्वोपरि है। यह संविधान की ताकत है कि मेरे जैसे अति पिछड़े समाज के व्यक्ति को यह दायित्व दिया।
पीएम मोदी ने मुलायम सिंह को किया याद
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर पीएम मोदी ने कहा, "मुलायम सिंह जी थे तब से एक विषय चला आ रहा है, उनके परिवार वाले भी वह विषय चला रहे हैं। आप देश की महिलाओं पर भरोसा करें, एक बार 33% बहनों को यहां आने दें, आकर उन्हें निर्णय करने दें कि किस वर्ग को देना है, किस वर्ग को नहीं, हम उनके सामर्थ्य पर आशंका क्यों जताते हैं? उन्हें आने तो दीजिए..."
पीएम मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर कहा, "हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब-जब चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है। 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि तब सबने सर्वसम्मति से इसे पारित किया तो यह विषय ही नहीं रहा। "
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 16 April 2026 at 16:08 IST