दिल्ली में युवाओं के आइडिया को मिलेगा अवसर, इनोवेशन के पास होगा मंच, 10000 स्टार्टअप्स को सरकार देगी प्रोत्साहन, CM रेखा गुप्ता ने किया बड़ा ऐलान

दिल्ली को देश की स्टार्टअप एवं इनोवेटिव राजधानी बनाने के विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इनक्यूबेशन नीति, 2026 पर आयोजित विशेष बैठक की।

 
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rekha gupta with ashish sood | Image: delhi govt.

दिल्ली को देश की स्टार्टअप एवं इनोवेटिव राजधानी बनाने के विजन को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इनक्यूबेशन नीति, 2026 पर आयोजित विशेष बैठक की। नई दिल्ली स्थित कार्यक्रम में प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, दिल्ली सरकार द्वारा यूथ फॉर गवर्नेंस के सहयोग से आयोजित इस बैठक में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद, देश के प्रमुख उद्योगपतियों, स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों और उद्यमिता क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया।

बैठक का उद्देश्य दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इनक्यूबेशन नीति, 2026 को और प्रभावी बनाने के लिए उद्योग जगत एवं स्टार्टअप समुदाय से प्रत्यक्ष सुझाव प्राप्त करना और दिल्ली में एक मजबूत तथा उद्यमशील इकोसिस्टम तैयार करना था। बैठक में 400 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित प्रावधान वाली दिल्ली स्टार्ट-अप एवं इनक्यूबेशन नीति, 2026 की प्रमुख व्यवस्थाओं, इसके क्रियान्वयन ढांचे और स्टार्टअप क्षेत्र के हितधारकों से अपेक्षित सहयोग व सुझावों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने दिल्ली में स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए अपने अनुभव, सुझाव और व्यावहारिक विचार साझा किए।

स्टार्टअप व इनोवेटिव राजधानी बने दिल्ली

इस अवसर पर सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप राजधानी में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रही है। उन्होंने दिल्ली को भारत की स्टार्टअप एवं इनोवेटिव राजधानी बनाने के सरकार के संकल्प को दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में प्रतिभाशाली युवा, मजबूत शैक्षणिक संस्थान, तकनीकी क्षमता, बड़ा बाजार और देश के प्रमुख उद्योगों की मौजूदगी इसे स्टार्टअप एवं इनोवेशन के लिए एक स्वाभाविक केंद्र बनाती है। सरकार का उद्देश्य ऐसा अनुकूल और सक्षम वातावरण तैयार करना है, जहां युवाओं के नए विचारों को प्रोत्साहन मिले, इनोवेशन को सही मंच मिले, उद्यमियों को आवश्यक सहयोग मिले और स्टार्टअप नए रोजगार एवं आर्थिक अवसरों का सृजन करें।

उद्योग जगत के अनुभव और सुझावों को इनपुट के रूप में शामिल किया जाएगा

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली स्टार्टअप व इनक्यूबेशन नीति, 2026 के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों और स्कूलों में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने सहित स्टार्टअप्स को आवश्यक सहयोग और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार द्वारा ठोस पहल की जा रही है। दिल्ली सरकार स्टार्टअप संस्थापकों, निवेशकों, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और युवाओं के साथ मिलकर नीति निर्माण को अधिक सहभागी बनाएगी। उद्योग जगत के अनुभव और सुझावों को नीति के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण इनपुट के रूप में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने दिल्ली के युवाओं को विश्वास दिलाया कि स्टार्टअप नीति के माध्यम से सरकार हर ऐसे स्टार्टअप को आवश्यक बैकअप और सहयोग प्रदान करेगी, जो नवाचार के क्षेत्र में कुछ नया करने और अपने क्षेत्र में एक मजबूत डोमेन विकसित करने की क्षमता रखता

लाखों युवाओं के लिए रोजगार का सृजन करना है

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली स्टार्टअप व इनक्यूबेशन नीति, 2026 के प्रभावी लागू को लेकर आज देश के उन प्रमुख स्टार्टअप संस्थापकों के साथ विस्तृत चर्चा की गई, जिन्होंने दिल्ली से अपने स्टार्टअप की शुरुआत की और उसे बड़े स्तर तक पहुंचाया है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य अपने कार्यकाल में इनक्यूबेशन एवं स्टार्टअप नीति के माध्यम से 10,000 से अधिक स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित एवं सहयोग प्रदान करना तथा इन स्टार्टअप्स के माध्यम से 4 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसा स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करना चाहती है, जिसके माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हो और दिल्ली के युवाओं को नए अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार इसी दिशा में सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए काम कर रही है।

कई बड़े स्टार्टअप फाउंडर्स और निवेशकों ने हिस्सा लिया 

बैठक में देश के प्रमुख स्टार्टअप फाउंडर्स, उद्योगपतियों, निवेशकों और उद्यमिता विशेषज्ञों ने सहभागिता की। इनमें इंफो एज के संस्थापक संजीव भीचंदानी, स्नैपडील के सह-संस्थापक एवं टाइटन कैपिटल के संस्थापक कुणाल बहल, स्विगी के सीईओ रोहित कपूर, अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक अभिराज सिंह भाल, सीएआरएस24 के संस्थापक व सीईओ विक्रम चोपड़ा, उद्यमी एवं परोपकारी अराधना दलमिया, बजाज की लक्ष्मी झुनझुनवाला, इनोव8 के संस्थापक डॉ. रितेश मलिक, वीबा के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक विराज बहल, कैशकरो के सह-संस्थापक स्वाति भार्गव, इंश्योरेंसदेखो के संस्थापक अंकित अग्रवाल, जिप्प इलेक्ट्रिक के संस्थापक आकाश गुप्ता, स्टेटिक के संस्थापक अक्षित बंसल, एस्ट्रोटॉक के संस्थापक पुनीत गुप्ता, उद्यमी एवं निवेशक अर्जुन वैद्या, इकोसोल के संस्थापक राहुल सिंह, न्यूटन स्कूल ऑफ टेक्नोलॉजी के संस्थापक सिद्धार्थ महेश्वरी, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सलाहकार अपूर्वा मिश्रा तथा न्यूक्लियस सॉफ्टवेयर की सीबीओ अपूर्वा चमारिया सहित अन्य प्रमुख प्रतिनिधि शामिल थे।

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Published By : Kritarth Sardana

पब्लिश्ड 7 September 2026 at 23:42 IST