अपडेटेड 8 February 2026 at 14:57 IST

दिल्ली के जनकपुरी मामले में दूसरी गिरफ्तारी, इटावा से पकड़ा गया योगेश, गड्ढे में तड़पते कमल को छोड़कर हुआ था फरार

Janakpuri news: दिल्ली के जनकपुरी में कमल ध्यानी की मौत मामले में पुलिस ने दूसरी गिरफ्तारी है। योगेश नाम के शख्स को इटावा से पकड़ा गया है। आरोप है कि योगेश ने कमल को गहरे गड्ढे में देखा था, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी।

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जनकपुरी मामले में दूसरी गिरफ्तारी | Image: Republic

Delhi Janakpuri Biker Death: दिल्ली के जनकपुरी इलाके में 25 साल के युवक कमल ध्यानी की जल बोर्ड के गड्ढे में गिरने से हुई मौत मामले में पुलिस का एक्शन जारी है। इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी हुई है। आरोपित सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति के कर्मचारी योगेश इटावा में पकड़ा गया है। पुलिस घटना के बाद उसकी तलाश में जुटी थी। आरोप है कि योगेश ने कमल को गहरे गड्ढे में देखा था।  

किसी ने नहीं दी पुलिस को घटना की सूचना

जानकारी के अनुसार योगेश वो शख्स है जो वहां साइट पर देख-रेख कर रहा था। योगेश ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश को फोन कर बताया था कि कोई शख्स गड्ढे में गिर गया है। तब राजेश मौके पर आया और कमल को गड्ढे में गिरे हुए देखकर भाग गया था। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई थी। कुछ देर बाद योगेश भी फरार हो गया था।

योगेश को इटावा से दिल्ली लाया जाएगा

दिल्ली पुलिस ने योगेश को यूपी से इटावा से गिरफ्तार किया है। उसे दिल्ली लाया जा रहा है। इससे पहले मामले में सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश को पुलिस ने शनिवार (7 फरवरी) को ही गिरफ्तार कर लिया था।

घटना गुरुवार (5 फरवरी) रात की है, जब कमल अपने ऑफिस से घर लौट रहा था। रास्ते में युवक की बाइक एक गहरे गड्ढे में गिर गई और दर्दनाक हादसे में उसकी मौत हो गई।

चार लोगों ने कमल को गड्ढे में देखा था

मामले की जांच में पुलिस जुटी हुई है। गड्ढे के पास के कैफे की एक CCTV फुटेज पुलिस के हाथ लगी है। इसमें चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि चार लोगों ने कमल को गड्ढे में गिरे हुए देखा। बावजूद इसके किसी ने मदद करना तो दूर इस घटना की सूचना पुलिस को भी नहीं दी। सभी लोग उसे वहीं तड़पता छोड़ गए।

कमल के गड्ढे में गिरते समय कार सवार विपिन ने इस घटना को देखा था। विपिन ने अपनी गाड़ी रोकी और गड्ढे में झांककर देखा। उस वक्त कमल बाइक के नीचे दबा था और बाइक की लाइट जल रही थी। विपिन ने घटना की जानकारी सिक्योरिटी गार्ड को दी। सिक्योरिटी गार्ड ने तुरंत योगेश को इसके बारे में बताया, जो गड्ढे से 10 फीट की ही दूरी पर टेंट में मौजूद था। तब योगेश ने ठेकेदार राजेश प्रजापति को फोन पर इस घटना के बारे में बताया था।

मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि इस पूरी घटना की जानकारी कम से कम पांच लोगों को थी, लेकिन किसी ने भी समय पर पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। अगर समय रहते इसके बारे में बताया जाता, तो संभव था कि कमल की जान बचाई जा सकती थी।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 8 February 2026 at 14:57 IST