Delhi Building Collapse: 7 मौतों के बाद मालिक और पत्नी जेल में, बेटा पुलिस रिमांड पर, HC बोला- MCD भी जिम्मेदार; जानें अब तक के बड़े अपडेट्स
सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत गिरने के मामले में सख्त कार्रवाई हुई है। पीजी मालिक और उसकी पत्नी को न्यायिक हिरासत में, जबकि बेटे को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। वहीं हाईकोर्ट ने मामले में सुनवाई के दौरान फटकार लगाई है।
- भारत
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Delhi Building Collapse: दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत ढहने के दर्दनाक हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। मलबे के नीचे से अब तक 12 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है, जिनमें से 5 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन भले ही पूरा हो चुका है, लेकिन इस भीषण हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। मामले में फरार चल रहे पीजी मालिक हरिराम गुप्ता की तलाश में पुलिस ने अलग-अलग राज्यों में दबिश दी और आखिरकार सोमवार को उसे दबोच लिया। उसके साथ-साथ उसकी पत्नी और बेटे को भी गिरफ्तार किया गया।
न्यायिक हिरासत में पीजी मालिक और उसकी पत्नी
सोमवार (7 सितंबर) रात तीनों हरिराम गुप्ता, उसकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया। जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जबकि महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग का बिजली कनेक्शन हरिराम गुप्ता के नाम पर था, जबकि उसका बेटा इसकी देखरेख करता था। प्रॉपर्टी हरिराम की पत्नी उर्मिला गुप्ता के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
6 सितंबर को ढही थी जर्जर इमारत
दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास यह इमारत रविवार (6 सितंबर) दोपहर 1.30 बजे मरम्मत के दौरान ढह गई थी। इसके बाद मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए करीब 27 घंटे से ज्यादा समय तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। राहत एवं बचाव कार्य सोमवार शाम पूरा हुआ। इस हादसे ने पीजी इमारत की सुरक्षा व्यवस्था, अवैध निर्माण और इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
डिप्टी कमिश्न समेत 5 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की। MCD के डिप्टी कमिश्नर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
अवैध इमारतों को सील करने का आदेश
इसके अलावा पूरी दिल्ली में उन इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश दिया गया है जिनमें बिना मंजूरी के पांचवीं मंजिल बनी हुई है। आस-पास के पीजी और इमारतों की भी बारीकी से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने पर सीलिंग समेत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। जो भी दोषी या जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
बिल्डिंग मालिक ही नहीं MCD भी जिम्मेदार- HC
इसके अलावा दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले में दाखिल PIL पर सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं की जिम्मेदारी सिर्फ पीजी हॉस्टल के मालिक की नहीं है। जिम्मेदारी MCD प्रशासन की भी है, जो यह सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है कि हर निर्माण नियमानुसार किया जाए। कोर्ट ने कहा कि अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर सजग होते तो शायद ऐसी त्रासदी को टाला जा सकता था।
25 तारीख को होगी अगली सुनवाई
कोर्ट ने दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, MCD, दिल्ली पुलिस और NHRC से रिपोर्ट और ऑडिट की जानकारी मांगी है। साथ ही अदालत ने निर्देश दिया है कि MCD के उच्चतम कार्यकारी स्तर पर यह जांच कराई जाए कि हादसे में ढही इमारतें वैध अनुमति के साथ बनाई गई थीं या नहीं। अगर इमारत बिना इजाजत बनाई गईं तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है। साथ ही गलत काम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण मांगा है। अदालत ने MCD को पीजी हॉस्टलों का ऑडिट करने और यह जांचने का निर्देश भी दिया है कि उनका निर्माण संबंधित अनुमति और बिल्डिंग बायलॉज के तहत हुआ या नहीं। मामले में अगली सुनवाई 25 तारीख को होगी।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 8 September 2026 at 08:58 IST