संजय सिंह के बाद केजरीवाल को मिलेगी राहत? गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित

Delhi Excise Policy Case : अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

 
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संजय सिंह के बाद केजरीवाल को मिलेगी राहत? | Image: Republic

Delhi Excise Policy Case : दिल्ली शराब घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी गिरफ्तारी को चुनाती दी है। कोर्ट ने बुधवार को गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी और निचली अदालत की कस्टडी के खिलाफ दिल्ली हाइकोर्ट में याचिका दायर की है। जिसपर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सुनवाई की।

अभिषेक मनु सिंहवी ने अपनी दलील रखते हुए कहा कि लेवल प्लेइंग फील्ड सिर्फ एक मुहावरा नहीं है। इसमें निष्पक्ष चुनाव का हिस्सा है, लोकतंत्र का हिस्सा और उसके आधारभूत ढांचे से जुड़ा हुआ है। अरविंद केजरीवाल को चुनाव में हिस्सा लेने से रोका जा रहा है और पार्टी को तोड़ने की कोशिश हो रही है। इस मामले में समय का मुद्दा बहुत गंभीर है। समय का मुद्दा यह सुनिश्चित करता है कि याचिकाकर्ता लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग नहीं ले पाएगा और उसकी पार्टी नष्ट हो जाएगी।

ED की कार्रवाई पर सवाल

अभिषेक मनु सिंहवी ने ED की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'बिना किसी पूछताछ, बयान आदि के गिरफ्तार करना अनोखी बात है। आखिर इस मामले में जल्दबाजी की जरूरत क्या है? सेक्शन 19 के तहत न गिरफ्तारी का आधार है, न सबूत मौजूद है, न आप केजरीवाल को दोषी मानकर चल रहे। कुल मिलाकर गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं है। गिरफ्तार करते वक्त केजरीवाल के घर पर कोई बयान लेने की कोशिश नहीं हुई। जबकि ऐसा ED को गिरफ्तार करने से पहले करना चाहिए था।'

सिंघवी ने अपनी दलील को आगे बढ़ाते हुए कहा कि PMLA के तहत आसानी से जमानत नहीं मिल पाती है। इसलिए सेक्शन 19 के तहत जो गिरफ्तारी दिखाई गई है वह भी सख्त है। ED ने जो गिरफ्तारी की है वह भी खरी नहीं उतरती है। ED यह साबित नहीं कर पाई की आखिर केजरीवाल की गिरफ्तारी क्यों की गई है? गिरफ्तार करने का एकमात्र उद्देश्य अपमानित करना है। 

ED ने रखी अपनी दलील

लंच के बाद ED ने अपनी दलील रखनी शुरू की। कोर्ट में अपनी दलील देते हुए ED ने कहा अभी हमने केजरीवाल के खिलाफ चार्जशीट फाइल नहीं की है, तो फिर बयान के आधार का यहां जिक्र करने का क्या औचित्य है। ED की तरफ से ASG राजू ने कहा कि केजरीवाल ने याचिका गिरफ्तारी को रद्द करने की डाली है, लेकिन इनके वकील बहस जमानत की या मुकदमे को रद्द करने की कर रहे हैं। अगर हम प्रॉपर्टी अटैच करेंगे तो ये कहेगे कि चुनाव है और हमें शामिल नहीं होने दे रहे है। अगर हम ऐसा नहीं करेंगे, तो ये दलील देंगे कि क्या कोई रिकवरी हुई। 

'मैं दुविधा में हूं...'

ASG राजू ने कहा कि हम आम आदमी पार्टी की कुछ संपत्तियों को अटैच करना चाहते हैं। अगर हम ऐसा करेंगे तो वह कहेंगे कि चुनाव के टाइम पर यह सब किया। अगर हम ऐसा नहीं करेंगे तो वह कहेंगे कि ED के पास कोई सबूत नहीं है। इसलिए मैं दुविधा में हूं। जहां तक ​​केजरीवाल के खिलाफ जांच का सवाल है, केजरीवाल के खिलाफ जांच खत्म नहीं हुई है, यह शुरुआती चरण में है। केजरीवाल द्वारा रिमांड के आदेश को चुनौती देना वैध नहीं है, क्योंकि उन्होंने खुद कहा था कि वह रिमांड का विरोध नहीं करते हैं।

ASG राजू ने कोर्ट को बताया कि हमारा मामला क्या है? हमारा मामला यह है कि अरविंद केजरीवाल को दोहरी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था। वो व्यक्तिगत रूप से शामिल है, जो कि अप्रूवर के बयानों से स्पष्ट है। हमने मनी ट्रेल का पता लगा लिया है। हो सकता है कि पैसे का उपयोग हो गया हो और इसीलिए वह नहीं मिल पा रहा हो। हमने यह साबित कर दिया है कि जब मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध हुआ था, उस समय आप के मामलों के लिए अरविंद केजरीवाल ही जिम्मेदार थे।

'हमारे पास सबूत, अंधेरे में तीर नहीं चला रहे'

ASG राजू ने कहा कि हमारे पास व्हाट्सएप चैट और हवाला ऑपरेटरों के बयान हैं। ऐसा नहीं है कि हम अंधेरे में तीर चला रहे हैं। हमारे पास आयकर विभाग का बहुत सारा डेटा है। इसपर कोर्ट ने काह कि हम वो फाइल देखना चाहेंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 3 April 2024 at 17:09 IST