दिल्ली-NCR की सड़कों से पुरानी बसों और ट्रकों का होगा सफाया, टाटा मोटर्स और मोदी सरकार के बीच हुई बड़ी डील
दिल्ली-एनसीआर में सभी पुरानी बसों और ट्रकों को हटाने के लिए केंद्र सरकार ने टाटा मोटर्स के साथ MOU किया है।
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दिल्ली-एनसीआर में पुरानी बसों से अक्सर आप भी परेशान होते होंगे। दिल्ली में भाजपा सरकार आने के बाद सड़कों पर बड़े स्तर पर बदलाव भी देखा गया है। दिल्ली की सड़कों पर अब बड़ी संख्या में सिर्फ एसी बसें ही चलाई जा रही है। साथ ही सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में देवी (DEVi) बस सेवा भी शुरू की थी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने बची हुई सभी पुरानी बसों के साथ पुराने ट्रकों को भी बदलने की योजना बना ली है। इस पहल में बसों की सर्वश्रेष्ठ कंपनी में से एक टाटा मोटर्स सरकार के साथ शामिल हो गई है।
टाटा मोटर्स देगा डिस्काउंट
भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने टाटा मोटर्स के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर किए है। इस समझौते के तहत दिल्ली-एनसीआर के सभी पुराने ट्रकों और बसों को हटाकर और इसके बदले सड़कों पर कम प्रदूषण वाले बसों और ट्रकों को उतरा जाएगा। टाटा मोटर्स इस योजना के अंतर्गत खरीदे गए ट्रकों और बसों की एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत की छूट देगा।
EV की बात करें तो इलेक्ट्रिक वाहनों में उतनी ही छूट मिलेगी जितनी GVW (Gross Vehicle Weight) की श्रेणी के आने वाले ICE (Internal Combustion Engine) वाहन के बराबर होगी।
केंद्र सरकार भी देगी छूट
इस योजना में भाग लेने वाली राज्य सरकारों को 8 प्रतिशत की छूट के अतिरिक्त केंद्र सरकार 5 प्रतिशत की ब्याज छूट और पांच साल की अवधि के लिए निर्धारित मासिक ईंधन वाउचर के जरिए प्रदान करेगी।
इसके साथ ही राज्य सरकारें दस साल की अवधि के लिए मोटर वाहन टैक्स पर 100 प्रतिशत तक की छूट प्राप्त कर सकेगी। तो वहीं पात्र लाभार्थियों के लिए पंजीकरण शुल्क में भी 100 प्रतिशत तक छूट मिल सकती है।
इन कंपनियों ने भी किए हस्ताक्षर
बता दें कि टाटा मोटर्स से पहले इस योजना के लिए सरकार के साथ हाल ही में अशोक लेयलैंड और स्विच मोबिलिटी ने भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। गौरतलब है कि ट्रकों और बसों के बाजार में इन दोनों कंपनियों की 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी है।
Published By : Kritarth Sardana
पब्लिश्ड 19 June 2026 at 11:42 IST