अपडेटेड 14 February 2026 at 14:53 IST

बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर 142 तक... नोएडा वासियों को PM मोदी ने दी बड़ी सौगात, मेट्रो एक्वा लाइन एक्सटेंशन को कैबिनेट की मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने नोएडा सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी लंबे मेट्रो एक्सटेंशन को मंजूरी दे दी ही। इसमें 8 नए स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। 2254 करोड़ रुपये की लागत से दिल्ली-ग्रेटर नोएडा कनेक्टिविटी और मजबूर हो जाएगी। जानें लाखों लोगों को कैसे मिलेगा फायदा?

Follow :  
×

Share


कैबिनेट ने मेट्रो एक्सटेंशन को दी मंजूरी | Image: ANI/ AI

Noida Metro Extension Approval: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को बड़ी सौगात दी है। कैबिनेट ने नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन (blue Line) तक 11.56 किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना में कुल 8 एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी पोस्ट कर लिखा- 'कैबिनेट ने नोएडा सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन (नोएडा) तक 11.56 km लंबे एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दी है। जिसमें 8 स्टेशन होंगे।' यह फैसला नोएडा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के बीच सफर को आसान बनाएगा।

ये कॉरीडोर क्यों है इतना खास?

ये एक्सटेंशन कॉरिडोर नोएडा के लोगों के लिए बहुत खास है क्योंकि इससे दिल्ली जाने वाला रास्ता आसान हो जाएगा। इसकी लंबाई 11.56 किलोमीटर होगी, जिसमें आठ और नए एलिवेटेड स्टेशनों को जोड़ा जाएगा। इसे बनाने में 2,254 करोड़ रुपये की लागत लगेगी। इससे नोएडा में एक्सप्रेसवे के किनारे बसे सेक्टरों को भी काफी फायदा होगा, IT हब और बढ़ेगा। इससे लाखों लोगों का आने जाने में समय बचेगा। 

बॉटनिकल गार्डन बनेगा सबसे बड़ा इंटरचेंज हब

यह एक्सटेंशन बॉटनिकल गार्डन स्टेशन पर खत्म होगा, जो पहले से दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन का बड़ा इंटरचेंज है। एक्सटेंशन के बाद एक्वा लाइन सीधे इन दोनों लाइनों से जुड़ जाएगी। इससे साउथ दिल्ली, वेस्ट दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा बिना किसी बदलाव के हो सकेगी।

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत 

नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने में यह प्रोजेक्ट अहम भूमिका निभाएगा। निजी वाहनों की संख्या घटेगी, जिससे यात्रा का समय बचेगा और सड़क सुरक्षा बढ़ेगी। साथ ही, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरण के लिए बड़ा कदम है। यह कॉरिडोर आईटी कंपनियों, कमर्शियल हब, कॉलेजों और अस्पतालों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा। नए स्टेशनों के आसपास रियल एस्टेट में तेजी आएगी और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार की तलाश में निकलने वाले युवाओं और दैनिक यात्रियों के लिए यह लाइफलाइन साबित होगी।

नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) की इस परियोजना के पूरे होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का सक्रिय मेट्रो नेटवर्क 61.62 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा। यह विस्तार शहरी गतिशीलता और टिकाऊ विकास की दिशा में नोएडा के लिए ऐतिहासिक कदम होगा।

यह भी पढ़ें: BREAKING: ऑटो रिक्शा पर धड़ाम से गिरा मुंबई मेट्रो का पिलर, 1 की मौत

Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 14 February 2026 at 14:49 IST