जंतर-मंतर पर उमड़ी हजारों लोगों की भीड़, UGC के नए नियम और जातिगत आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन, भारी संख्या में पहुंचे दिल्ली पुलिस के जवान और RAF
जाति-आधारित आरक्षण के विरोध में शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में लोग धरना प्रदर्शन के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा हुए हैं। दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने जमा हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
- भारत
- 3 min read
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को एक बार फिर विरोध प्रदर्शन का मंजर देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद इस बार जाति-आधारित आरक्षण के विरोध में सैकड़ों लोग जमा हुए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग थी कि आरक्षण का आधार जाति के बजाय आर्थिक स्थिति होनी चाहिए। प्रदर्शन को देखते हुए भारी संख्या पुलिस मौके पर पहुंच गई और प्रोटेस्टर्स को वहां से हटाने की कोशिश कर रही है।
प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर, पोस्टर और भगवा झंडे लेकर पहुंचे। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जाति-आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि आरक्षण का लाभ उन लोगों तक पहुंचना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने SC/ST एक्ट का भी विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की।
जाति-आधारित आरक्षण के विरोध में जंतर-मंतर प्रदर्शन
जाति-आधारित आरक्षण के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में लोग जमा हुए हैं। दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स भी जंतर-मंतर पहुंची, जिसके बाद लोगों की भीड़ को वहां से हटाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के इक्विटी नियमों के खिलाफ भी आवाज उठाई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत है ताकि वाकई जरूरतमंद वर्ग को इसका लाभ मिल सके। वहीं, पुलिस ने बताया कि इस प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी। फिलहाल जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा बल तैनात है। प्रदर्शन स्थल के चारों ओर बैरिकेड्स लगाए दिए गए हैं और दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों प्रदर्शकारियों को वहां से हटा रहे हैं। जंतर-मंतर पर जमा हुए कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
जंतर-मंतर पर मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण में "क्रीमी-लेयर" का नियम लागू करने और अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से जुड़ी नीतियों में बदलाव की मांग भी की।
क्या है प्रमुख मांग?
- जातिगत आरक्षण समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू किया जाए।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को आरक्षण का लाभ दिया जाए।
- आरक्षित वर्ग के संपन्न परिवारों और अधिकारियों के बच्चों को आरक्षण के दायरे से बाहर किया जाए।
- यूजीसी के नए समानता संबंधी प्रावधानों को वापस लिया जाए।
- शैक्षणिक संस्थानों में नियमों के दुरुपयोग को रोका जाए।
- आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा कर इसे केवल जरूरतमंद लोगों तक सीमित किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि मौजूदा व्यवस्था में सुधार जरूरी है ताकि वास्तविक लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंच सकें।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 21 August 2026 at 20:48 IST