अपडेटेड 6 February 2026 at 14:35 IST
'6 थानों के चक्कर लगाए, मेरा भाई जिंदा होता अगर...', जनकपुरी हादसे पर मृतक कमल के भाई ने उठाए सवाल, गड्ढे में गिरकर हुई थी मौत
Delhi News: दिल्ली के जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान 25 साल के युवक के तौर पर हुई है। कमल अपने ऑफिस से घर लौट रहा था, तभी इस दुर्घटना का शिकार हुआ। युवक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
Delhi Janakpuri Accident news: नोएडा के बाद अब दिल्ली में गड्ढे में गिरने से 25 साल के कमल की मौत ने फिर प्रशासन की घोर लापरवाही को उजागर कर दिया है। बाइक सवार युवक गुरुवार (5 फरवरी) रात रोहिणी स्थित ऑफिस से अपने घर लौट रहा थे। कैलाशपुरी निवासी कमल ने अपने भाई को बताया था कि वो 10 मिनट में घर पहुंचने वाला है, लेकिन उन्हें क्या पता था कि ऐसा कभी हो ही नहीं पाएगा।
कमल का शव शुक्रवार (6 फरवरी) को सुबह एक गड्ढे से बरामद हुआ है, जहां दिल्ली जल बोर्ड का निर्माण कार्य चल रहा है। ऑफिस से लौटते समय रास्ते में युवक लगातार परिवारवालों से बातचीत कर रहा था, लेकिन जब वह काफी देर तक नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
‘उसने फोन नहीं उठाया, हम परेशान हो गए’
घटना पर मृतक युवक के भाई और दोस्त का बयान सामने आया है। कमल के भाई ने बताया कि जब मैंने आखिरी बार उससे बात की, तो उसने कहा कि वह 10 मिनट में घर पहुंच जाएगा। जब मैंने रात 12:30 बजे उसे दोबारा कॉल किया, तो उसने फोन नहीं उठाया। हम परेशान हो गए।
भाई के मुताबिक परिवारवालों ने कमल को ढूंढना शुरू किया। उसने कहा कि मैं पहले रोहिणी में उसके ऑफिस गया और फिर जनकपुरी पुलिस स्टेशन। पुलिस ने हमें इस इलाके में उसकी आखिरी लोकेशन बताई। हम उसे ढूंढते रहे लेकिन वह नहीं मिला। यह घोर लापरवाही है।
‘पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो…’
भाई ने आगे यह भी कहा कि मेरा भाई पागल नहीं था कि वह जानबूझकर गड्ढे में गिर जाए। रात 1:30 बजे, मैंने इस गड्ढे में देखा लेकिन उस समय वह यहां नहीं था। हमने कम से कम 6 पुलिस स्टेशनों का दौरा किया लेकिन हमें कोई मदद नहीं मिली। सुबह जब मैंने दोबारा अपने भाई के फोन नंबर पर फोन किया, तो पुलिस ने कॉल उठाया और हमें बताया कि उसका शव गड्ढे से बरामद कर लिया गया है। अगर पुलिस समय पर कार्रवाई करती, तो मेरा भाई आज जिंदा होता।
पुलिस ने 200 मीटर के एरिया में ढूंढने को कहा
वहीं, मृतक कमल के दोस्त ने बताया कि जब वो कमल की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गए, तो उन्हें कहा गया कि हमारी शिकायत सुबह 11 बजे से पहले दर्ज नहीं की जाएगी। पुलिस ने मेरे दोस्त की लोकेशन ढूंढने में हमारी मदद की और हमसे उसे यहां 200 मीटर के दायरे में ढूंढने के लिए कहा।
दोस्त ने भी दावा किया कि रात 1 बजे, जब हमने गड्ढे में देखा, तो वह वहां नहीं था। हम हर समय इसी सड़क पर थे, लेकिन हमें समझ नहीं आ रहा कि हमारे चेक करने के बाद वह यहां कैसे पहुंचा। जब हम सुबह 7 बजे घर वापस गए, तो हमें मेरे दोस्त के फोन से एक कॉल आया, और पुलिस ने हमें बताया कि वह यहां गड्ढे में है। रात में पुलिस उसके फोन को ट्रेस क्यों नहीं कर पाई? हमें शक है कि उसकी हत्या की गई है।
उसने घटना पर सवाल उठाते हुए कि वह 25 साल का था और रोहिणी सेक्टर 10 में HDFC बैंक के कॉल सेंटर में काम करता था। पुलिस तैनात कर दी गई है, और अब गड्ढे के चारों ओर बैरिकेड लगा दिए गए हैं। वे यह पहले क्यों नहीं कर पाए? मेरे दोस्त की जान बच सकती थी।
मंत्री आशीष सूद ने क्या कहा?
दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मैंने जल बोर्ड को इसकी जांच करने का निर्देश दिया है। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। जल बोर्ड ने सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल का ऑडिट किया था और सर्कुलर जारी किए थे। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 6 February 2026 at 14:35 IST