Delhi Assembly Security Breach: आरोपी सरबजीत को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा, दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में लगाई थी सेंध
दिल्ली पुलिस ने विधानसभा सुरक्षा उल्लंघन मामले में आरोपी सरबजीत सिंह को आज दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में पेश किया। इस दौरान आरोपी के वकील और दिल्ली पुलिस ने अपना-अपना पक्ष रखा। जानें कोर्ट में क्या कुछ बातचीत हुई। पढ़ें पूरी खबर।
विधानसभा सुरक्षा उल्लंघन मामले में आरोपी सरबजीत सिंह को दिल्ली पुलिस ने तीस हजारी कोर्ट में पेश किया, दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और किसी बड़ी साजिश या आतंकी एंगल की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी ने अपना मोबाइल फोन फेंक दिया जिसे बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
दिल्ली पुलिस यह भी पता लगाना चाहती है कि आखिर आरोपी विधानसभा में क्यों और कैसे दाखिल हुआ? साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस घटना में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
मानसिक रूप से अस्वस्थ है आरोपी- दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने कहा कि सरबजीत सिंह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। पुलिस को पंजाब और उत्तर प्रदेश भी जाना है ताकि उस वाहन का पता लगाया जा सके, जिसमें वह विधानसभा परिसर में दाखिल हुआ था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने आरोपी सरबजीत की रिमांड की मांग की, जिसका आरोपी सरबजीत के वकील ने पुलिस कस्टडी की मांग का विरोध किया। वकील ने कोर्ट को बताया कि सरबजीत मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका इलाज चल रहा है। वकील के मुताबिक सरबजीत अचानक बिना किसी को बताए अपनी बहन के पास चंडीगढ़ चला गया था और वहां एक गुरुद्वारे में गया था। परिवार को भी नहीं पता था कि वह कहां गया है।
आरोपी ने विधानसभा को गुरुद्वारा समझ लिया था- वकील
वकील ने कहा कि सरबजीत करीब 14 -15 दिन पहले चंडीगढ़ गया था और बाद में उसे पता चला कि उसका भतीजा खो गया है, इसलिए वह दिल्ली आया। वकील का दावा है कि सरबजीत ने विधानसभा को गुरुद्वारा समझकर अंदर प्रवेश कर लिया। कोर्ट ने आरोपी के वकील से पूछा कि सरबजीत पीलीभीत से चंडीगढ़ और फिर दिल्ली तक कार चलाकर आया।
कोर्ट ने आरोपी को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
फिलहाल दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद तीस हजारी कोर्ट ने सरबजीत सिंह को 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। बता दें पहले दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से सरबजीत सिंह की 10 दिन की पुलिस कस्टडी भी मांग की थी, ताकि मामले की साजिश, संभावित कनेक्शन और अन्य पहलुओं की गहराई से जांच की जा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि वह विधानसभा में कैसे दाखिल हुआ और इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है। साथ ही पुलिस उसके फोन की भी तलाश कर रही है, जिसे उसने फेंक दिया था।
Published By : Nidhi Mudgill
पब्लिश्ड 7 April 2026 at 17:03 IST