अपडेटेड 6 January 2026 at 17:41 IST
दिल्ली विधानसभा की सुरक्षा में सेंध? पुलिस ने किया संदिग्ध शख्स को गिरफ्तार; मंत्री के बुलावे पर कैंपस में घुसने का कर रहा दावा
दिल्ली विधानसभा में भारी सुरक्षा चूक हुई है। सुरक्षाकर्मियों ने विधानसभा परिसर से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। संदिग्ध की पहचान नवीन डबस, निवासी बुध विहार, दिल्ली के रूप में हुई है।
दिल्ली विधानसभा में भारी सुरक्षा चूक हुई है। सुरक्षाकर्मियों ने विधानसभा परिसर से एक संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। संदिग्ध की पहचान नवीन डबस, निवासी बुध विहार, दिल्ली के रूप में हुई है। नवीन डबस दिल्ली सरकार के अंतर्गत गेस्ट फैकल्टी (टीजीटी इंग्लिश) के रूप में कार्यरत है। वो सरकारी पहचान पत्र दिखाकर मुख्य प्रवेश द्वार से एंट्री किया और विधानसभा भवन की तरफ बढ़ने लगा। फिलहाल उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ जारी है। उसके पास से अब तक कोई संदिग्ध या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई।
प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की आपराधिक मंशा सामने नहीं आई। पूछताछ में नवीन ने दावा किया कि दिल्ली के एक मंत्री के बुलावे पर वो विधानसभा आया था। जांच में साफ हो गया है कि नवीन का मंत्री से कोई जान पहचान नहीं है और वो पुलिस को गुमराह कर रहा है। पूछताछ में उसने दावा किया कि संदिग्ध दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा से मिलने आया था। ऐसा उसने दावा किया। उसके पास सांसद पास था। बता दें कि दिल्ली की आठवीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र 5 जनवरी से शुरू हो चुका है, जो 8 जनवरी तक चलेगा। अगर आवश्यकता पड़ी तो सदन की सहमति से इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
पहले दिन प्रदूषण को लेकर हंगामा
दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन प्रदूषण को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने सदन में दिल्ली प्रदूषण का मुद्दा उठाया, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष के आदेश पर मार्शलों ने 'आप' के सभी विधायकों को सदन से बाहर कर दिया। इस दौरान चार विधायकों को तीन दिन के लिए निलंबित भी कर दिया गया।
इस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। 'आप' विधायक दल के चीफ व्हिप संजीव झा ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्लीवासियों के लिए इस समय सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण है। ऐसे में सदन में उपराज्यपाल (एलजी) से इस मुद्दे पर सवाल पूछना अपराध कैसे हो गया? जनता की आवाज उठाने पर सरकार इतनी असहज हो गई कि चार विधायकों को निलंबित कर दिया गया।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 6 January 2026 at 16:31 IST