नवरात्रि में मीट दुकानों पर विवाद, मौलाना साजिद रशीदी ने झंडेवालान मंदिर पर उठाए सवाल
BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने मांग की है कि नवरात्रि के नौ दिनों तक मीट की दुकानों को बंद रखा जाए। जिससे दिल्लीवासियों की धार्मिक आस्था का ख्याल रखा जा सके।
- भारत
- 3 min read
Delhi Meat Ban : नवरात्रि शुरू होने से पहले ही दिल्ली में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर नवरात्रि के दौरान राजधानी में सभी मीट की दुकानों को बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि हिंदू त्योहारों के दौरान धार्मिक भावनाओं का सम्मान जरूरी है।
BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह की इस मांग का मुस्लिम समुदाय ने विरोध करना शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी के तीखे बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। मौलाना ने इसे 'नफरत भरी सियासत' करार देते हुए कई सवाल खड़े किए हैं।
विधायक की मांग
दिल्ली के जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक तरविंदर सिंह मारवाह ने हाल ही में एक औपचारिक पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने नवरात्रि के 9 दिनों तक मीट की दुकानों को बंद रखने का सुझाव दिया। पत्र में कहा गया है कि दिल्लीवासियों की धार्मिक आस्था का ख्याल रखते हुए मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाई जाए, ताकि त्योहार का पवित्र माहौल बरकरार रहे। यह मांग सावन में कांवड़ यात्रा के दौरान भी उठाई गई थी, जब विधायक ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर यात्रा मार्गों पर मीट और शराब की दुकानों को अस्थायी रूप से बंद करने की अपील की थी।
मारवाह का तर्क है कि ऐसे कदम से हिंदू समुदाय की भावनाओं का सम्मान होगा, जो नवरात्रि में व्रत और शाकाहारी भोजन को पवित्र मानते हैं। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब ऐसी मांगें सामने आई हैं। पहले भी चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के दौरान दिल्ली के अलग-अलग नगर निगमों ने मीट दुकानों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए हैं, लेकिन हर बार यह विवादास्पद रहा है।
मौलाना रशीदी का भड़काऊ बयान
मौलाना मोहम्मद साजिद रशीदी, जो ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के प्रमुख हैं, उन्होंने विधायक की मांग का कड़ा विरोध किया है। एक सार्वजनिक बयान में उन्होंने कहा, "जब भी कोई हिंदू त्योहार आता है, तो नफरती तत्व बाहर आ जाते हैं। इनके अंदर मुसलमानों के खिलाफ जहर भरा हुआ है, जो बाहर आने लगता है।" मौलाना ने विधायक से सीधा सवाल किया कि नवरात्रि में मंदिरों के आसपास बजने वाले तेज डीजे, जो सुप्रीम कोर्ट के शोर नियमों का उल्लंघन करते हैं, उन पर कभी बोलते क्यों नहीं?
मौलाना का सबसे तीखा हमला झंडेवालान मंदिर का पर था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वहां नवरात्रि के दौरान आधी सड़कें मंदिर के नाम पर घेर ली जाती हैं, लेकिन इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई जाती। मौलाना रशीदी पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं। हाल ही में कांवड़ यात्रा के दौरान मीट दुकान बंदी पर उन्होंने इसे 'तुगलकी फरमान' कहा था, और डिंपल यादव पर टिप्पणी को लेकर भी FIR का सामना कर चुके हैं।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 20 September 2025 at 21:42 IST