BREAKING: 'पोस्ट में कंटेंट आपत्तिजनक...' कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, X अकाउंट बहाल करने से साफ इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ अकाउंट को तुरंत बहाल करने के निर्देश देने से साफ इनकार कर दिया है। CJP अकाउंट बनाने वाले अभिजीत ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जानें क्या है पूरा ममला, पढ़ें पूरी खबर।

 
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कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका | Image: x

Cockroach Janata Party X Account: कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा झटका दे दिया है। दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने आज 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के ब्लॉक किए गए सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ अकाउंट को तुरंत बहाल करने का निर्देश देने से साफ मना कर दिया है। हाईकोर्ट ने CJP की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि इस पेज पर मौजूद कंटेंट कुछ आपत्तिजनक लग रहा है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के 'एक्स' पर अकाउंट को ब्लॉक करने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। बेंच ने याचिका की सुनवाई करते हुए अभिजीत दीपके को कोई भी अंतरिम राहत देने से मना कर दिया। बेंच ने कहा कि इस मामले पर पूरी तरह से विचार करने की जरूरत है। इसमें कोई भी आदेश केंद्र सरकार और 'एक्स' का पक्ष सुनने के बाद ही दिया जाएगा। 

21 मई को ब्लॉक हुआ CJP का एक्स हैंडल

‘एक्स’ पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आधिकारिक हैंडल 21 मई को भारत में ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद समर्थकों ने नए नाम ‘Cockroach is Back’ से एक नया हैंडल बनाया, जिसके वर्तमान में 2.27 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। ये अभियान अपने अनोखे प्रतीकों और आक्रामक डिजिटल रणनीति के कारण चर्चा में बना हुआ है। समर्थक ‘कॉकरोच’ की पहचान को सरकार और व्यवस्था के खिलाफ विरोध का प्रतीक बना रहे हैं।

16 मई को हुई CJP की शुरुआत

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 16 मई को शुरू हुई थी, पार्टी का दावा है कि वह युवाओं की आवाज को मजबूत करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए एक स्वतंत्र युवा आंदोलन खड़ा कर रही है। हाल ही में इसने शिक्षा व्यवस्था की कथित नाकामी और NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार अभियान शुरू किया है।

चीफ जस्टिस को देनी पड़ी सफाई

16 मई को ही चीफ जस्टिस ने अपनी विवादित टिप्पणी को लेकर सख्त शब्दों में स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने कहा कि वे उन मीडिया रिपोर्ट्स से आहत हैं, जिनमें ये दर्शाया गया कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी। चीफ जस्टिस ने साफ किया कि उनकी टिप्पणियां खासतौर पर उन लोगों के खिलाफ थीं, जो फर्जी और अवैध डिग्रियों के जरिए कानूनी पेशे में घुस रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया।

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Published By : Nidhi Mudgill

पब्लिश्ड 29 May 2026 at 12:12 IST