BREAKING: दिल्ली में बजी खतरे की घंटी, हवा में घुला जहर तो ग्रैप-II लागू, डीजल जनरेटर समेत इनपर बैन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर खतरे की घंटी बज चुकी है। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रैप-II लागू कर दिया गया है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को लेकर एक बार फिर खतरे की घंटे बज गई है। दिन-प्रतिदिन प्रदूषण के लेवल में इजाफा हो रहा है। इस बार दिवाली और सर्दी से पहले ही AQI लेवल बढने लगा है। इसे देखते हुए सरकार ने दिल्ली में ग्रैप-II लागू कर दिया है। इसके बाद प्रदूषण को बढ़ावा देने वाले कई कामों पर बैन लगा गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता के बिगड़ते स्तर के बीच ग्रेप-2 के दूसरे चरण को सोमवार को लागू कर दिया, जिसमें कोयले और लकड़ी जलाने के साथ-साथ डीजल जनरेटर सेट के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोमवार को दिल्ली में दैनिक औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 310 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है।
दिल्ली-NCR में ग्रैप-II लागू
एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने दिल्ली एनसीआर में जीआरएपी-II को लागू करने का आदेश दिया। आदेश में कहा गया है, "वायु गुणवत्ता में और गिरावट को रोकने के प्रयास में, उप-समिति ने निर्णय लिया है कि 22.10.2024 को सुबह 8:00 बजे से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पहले से लागू चरण-I कार्रवाइयों के अलावा, जीआरएपी-बहुत खराब वायु गुणवत्ता के चरण II के तहत परिकल्पित सभी कार्रवाइयों को एनसीआर में संबंधित सभी एजेंसियों द्वारा लागू किया जाएगा।"
एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने दिल्ली एनसीआर में GRAP-2 लागू करने का आदेश जारी करते हुए कई दिशा-निर्देश भी दिए हैं।
1. चिन्हित सड़कों डेली बेसिस पर मैकेनिकल/वैक्यूम स्वीपिंग और पानी का छिड़काव करें।
2. भारी यातायात गलियारों, संवेदनशील इलाकों में सड़क की धूल को रोकने और निर्दिष्ट लैंडफिल स्थलों पर एकत्रित धूल के उचित निपटान के लिए सड़कों पर धूल अवरोधकों न (कम से कम हर दूसरे दिन, गैर-पीक घंटों के दौरान) के उपयोग के साथ पानी का छिड़काव सुनिश्चित करें।
3. सी और डी साइटों पर धूल नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने के लिए निरीक्षण तेज करें।
4. एनसीआर में सभी चिन्हित हॉटस्पॉट में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए केंद्रित और लक्षित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ऐसे प्रत्येक हॉटस्पॉट में प्रतिकूल वायु गुणवत्ता में योगदान देने वाले प्रमुख क्षेत्रों के लिए उपचारात्मक उपाय तेज करें।
5. वैकल्पिक बिजली उत्पादन सेट/उपकरण (डीजी सेट आदि) के उपयोग को कम करने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें।
6. निर्देश संख्या 76 दिनांक 29.09.2023 के अनुसार एनसीआर में औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय आदि सहित सभी क्षेत्रों में डीजी सेट के विनियमित संचालन के लिए अनुसूची को सख्ती से लागू करें।
7. यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए यातायात संचालन को समकालिक करें और चौराहों/यातायात भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त कर्मियों को तैनात करें।
8. लोगों को वायु प्रदूषण के स्तर और प्रदूषणकारी गतिविधियों को कम करने के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे में सलाह देने के लिए समाचार पत्रों/टीवी/रेडियो में अलर्ट दें।
9. निजी परिवहन को कम करने के लिए वाहनों के पार्किंग शुल्क बढ़ाएं।
10. अतिरिक्त बेड़ा शामिल करके सीएनजी/इलेक्ट्रिक बस और मेट्रो सेवाओं को बढ़ाया जाए।
11. सर्दियों के दौरान खुले में बायो-मास/एमएसडब्ल्यू जलाने से बचने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सुरक्षा कर्मचारियों को आवश्यक रूप से इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएंगे।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 21 October 2024 at 19:54 IST