अपडेटेड 28 February 2025 at 23:31 IST

दिल्ली: अदालत ने नाबालिग से बलात्कार और हत्या के मामले में दोषी को मृत्युदंड दिया

दिल्ली की एक अदालत ने 2019 में एक नाबालिग से बलात्कार करने और फिर उसकी हत्या करने के मामले में एक व्यक्ति को शुक्रवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

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प्रतीकात्मक तस्वीर | Image: AI / Representative Image

दिल्ली की एक अदालत ने 2019 में एक नाबालिग से बलात्कार करने और फिर उसकी हत्या करने के मामले में एक व्यक्ति को शुक्रवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

अदालत ने कहा कि वह (दोषी) ‘‘समाज के लिए खतरा’’ है और यह अपराध ‘‘दुर्लभतम’’ श्रेणी में आता है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबीता पुनिया ने दोषी राजेंद्र के पिता राम सरन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई क्योंकि वह अपने बेटे द्वारा नाबालिग से किए गए बलात्कार के मामले के सबूतों को मिटाने के वास्ते एक निर्दोष और असहाय बच्ची की जघन्य हत्या में शामिल था।

अदालत ने कहा कि राजेंद्र के ‘‘सुधार जाने की कोई संभावना नहीं है’’ और उसे “समाज से निकाल दिया जाना चाहिए।’’

दोषी को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के प्रावधानों के तहत सजा सुनाई गई है। कानून के अनुसार, मृत्युदंड की पुष्टि उच्च न्यायालय द्वारा किए जाने का प्रावधान है।

राजेंद्र और उसके पिता को इस मामले में 24 फरवरी को दोषी ठहराया गया था।

नाबालिग नौ फरवरी, 2019 को लापता हो गई थी और उसका शव दो दिन बाद एक पार्क में पाया गया और हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे।

 

Published By : Kanak Kumari Jha

पब्लिश्ड 28 February 2025 at 23:31 IST