Cyclone: छठ पर बंगाल की खाड़ी से उठ रहा चक्रवाती तूफान 'मोंथा', इन राज्यों के लिए IMD ने जारी किया अलर्ट, बिहार में भी बारिश की संभावना
Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में चक्रवात 'मोंथा' के खतरे की वजह से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। इतना ही नहीं छठ के मौके पर बिहार और झारखंड में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।
Cyclone Montha Alert: छव महापर्व के अवसर पर इस बार मौसम करवट लेने वाला है। बंगाल की खाड़ी से एक तूफान उठ रहा है, जिसका नाम हैं मोंथा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चक्रवाती तूफान के चलते कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है।
कहां-कहां हो सकती है बारिश?
IMD के मुताबिक 24 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र की पहचान की गई। इसके 25 अक्टूबर तक डिप्रेशन, 26 अक्टूबर तक गहरा डिप्रेशन और 27 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में बदलने के आसार है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ेगा।
‘मोंथा’ के चलते 27 अक्टूबर से ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 3 दिनों तक तेज बारिश की आशंका है। वहीं, भुवनेश्वर मौसम विभाग की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि बंगाल से सटे होने की वजह से इसका असर बिहार और झारखंड में भी दिख सकता है।
तूफान से निपटने के लिए ओडिशा तैयार
तूफान ओडिशा में सीधे तट से टकराने की उम्मीद नहीं है। तब भी वहां जोरदार बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने इस पर कहा है कि ओडिशा आने वाले चक्रवाती तूफान के लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य, जल संसाधन, ऊर्जा और कृषि विभाग ने हालातों से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई है।
बंगाल के कई हिस्सों में भी बारिश का जारी है अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में उठ रहे इस तूफान ‘मोंथा’ का असर पश्चिम बंगाल में भी देखने को मिल सकता है। इस दौरान मंगलवार, 28 अक्टूबर को कोलकाता से लेकर हावड़ा, हुगली, झाड़ग्राम, उत्तर और दक्षिण 24 परगना समेत दक्षिण बंगाल के कई जिलों में तेज बारिश की संभावनाएं हैं। साथ ही 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती है। बुधवार (29 अक्टूबर) को हावड़ा, मेदिनीपुर और झाड़ग्राम जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी हुआ है।
इसके अलावा तमिलनाडु के तूतीकोरिन जिले में प्रशासन ने मछली पकड़ने पर भी रोक लगाई है। मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह दी गई। साथ ही जो नावें समुद्र में हैं, उनको तुरंत किनारे लौटने को कहा गया है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 25 October 2025 at 11:07 IST