Ketan Agrawal Murder: करोड़ों का एंपायर, हैंडसम, बेइंतहा इश्क... सिया को और क्या चाहिए था, जानिए केतन की हत्या के लिए लोहगढ़ किला क्यों चुना?
Ketan Murder Case: सोशल मीडिया पर एक दिख रही परफेक्ट लव स्टोरी के पीछे रची गई गहरी साजिश ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है।
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Ketan Murder Case: पुणे के लोनावला स्थित ऐतिहासिक लोहगढ़ किले में 26 साल के केतन अग्रवाल की मौत का मामला अब एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी साजिश के रूप में सामने आया है। जिस घटना को शुरुआत में फोटोग्राफी के दौरान पैर फिसलने से हुआ एक आम हादसा माना जा रहा था, लोनावला ग्रामीण पुलिस की तफ्तीश में वह प्री-प्लान्ड मर्डर निकला। सोशल मीडिया पर एक दिख रही परफेक्ट लव स्टोरी के पीछे रची गई गहरी साजिश ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। ऐसे में पूरे मामले को लेकर बड़ा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि आखिर क्यों सिया अपने ही होने वाली पति के खून की प्यासी बन गई?
दरअसल, मंगेतर से केतन की पत्नी बनने जा रही सिया गोयल ने जिस तरह से उसकी मौत की साजिश रची, उसने हर किसी को हिलाकर रख दिया है। उसने 18 जून को अपने प्रेमी संग मिलकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
बुढ़ापे के सहारे को खोने के बाद भावुक हुए पिता
केतन के पिता विशाल अग्रवाल अपने कलेजे के टुकड़े को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने रुंधे गले से कहा, 'एक पिता के लिए बेटे को खोने का दुख समंदर से भी बड़ा है। वह बुढ़ापे में मेरा सहारा बनता, मेरे वंश को आगे बढ़ाता। एक दिन मेरी चिता को अग्नि देता। अब वो नहीं रहा, ऐसे में मेरा सबकुछ खत्म हो गया। इनके आपराधिक कृत्य ने मेरा बेटा मुझसे छीन लिया।'
उन्होंने आगे कहा, 'मेरा बेटा मेरे लिए कोहिनूर था, जिन्हें आज इन लोगों ने दगा करके मार डाला। समाज में ऐसे लोगों का होना बहुत घातक है। अगर इन्हें सबक नहीं सिखाया गया, तो आज मेरे साथ हुआ है, कल किसी और के साथ होगा। उनके मां-बाप के पास रोने के सिवा और कुछ नहीं बचेगा।'
'सिया के परिवार को थी शादी की जल्दबाजी, फिर बेटे को क्यों…'
केतन के पिता ने यह भी खुलासा किया कि उनकी तरफ से शादी की कोई जल्दबाजी नहीं थी। बल्कि सिया के परिवार वाले ही शादी जल्दी कराने का प्रेशर बना रहे थे। फिर आखिर सिया ने मेरे बच्चे की जान क्यों ले ली? परिवार यह जानना चाहता है कि आखिर किस कारण उनके बच्चे को मार डाला गया। वहीं पुलिस इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी हुई है। आने वाले दिनों में जल्द हत्या के पीछे की मंशा का खुलासा हो सकता है।
जांच के दायरे में कई घटनाएं
इस बीच, केतन की मौत से पहले हुई घटनाएं कई सवाल खड़े कर रही है। सिया बार-बार लोहगढ़ किले का ट्रिप ही प्लान क्यों कर रही थी? इसी बीच बाली ट्रिप का कैंसिल होना, मर्डर का प्लान फेल होना और दोबारा उसी स्पॉट पर जाना। यह पूरी घटना पुलिस के जांच के दायरे में है।
सोची-समझी साजिश के तहत चुना गया लोहगढ़?
रिपोर्ट के अनुसार, लोहगढ़ किले की ऊंचाई आसपास के मैदानी इलाकों से लगभग 600 फीट है। किले के कई हिस्से मुख्य टूरिस्ट स्पॉट से काफी दूर और बेहद सुनसान हैं। यहां कई रास्ते ऐसे हैं जहां अचानक भीड़ खत्म हो जाती है और सन्नाटा पसर जाता है। इसके खतरनाक ढलान और गहरे किनारे भी इसी सुनसान दायरे में आते हैं, जहां अमूमन पर्यटक नहीं जाते। अब जांच एजेंसियां इन्हीं संवेदनशील पॉइंट्स को केंद्र में रखकर जांच आगे बढ़ा रही हैं। हर एक कड़ी को जोड़कर मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हत्या की इस वारदात को अंजाम देने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत इस सुनसान किले को चुना गया था?
कौन थे केतन अग्रवाल?
केतन अग्रवाल अपने पारिवारिक रियल एस्टेट कारोबार में निदेशक थे। वे पुणे के नजदीक मवाल तहसील में लोढ़ा बेलमोंडो हाउसिंग सोसायटी में रहते थे। केतन की लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, उन्हें बिजनेस मैनेजमेंट में कई डिग्रियां हासिल थी। उन्होंने पुणे के मराठवाड़ा मित्र मंडल कॉलेज ऑफ कॉमर्स से जूनियर स्तर की पढ़ाई की थी। इसके बाद केतन ने सिम्बॉयसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से बीबीए की डिग्री हासिल की थी, जिसमें उनकी स्पेशलाइजेशन सप्लाई चेन मैनेजमेंट में थी। साल 2022 में केतन उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए। इसके अलावा, उन्होंने 2023 में मैसाचुसेट्स के एक कॉलेज से एंटरप्रेन्योरियल स्टडीज में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की थी।
पुलिस ने अब तक क्या बताया?
पुणे ग्रामीण पुलिस के SP संदीप सिंह गिल ने बताया, '18 जून 2026 को सगाई कर चुके सिया गोयल और केतन अग्रवाल लोहगढ़ किला घूमने गए। सिया गोयल ने फोन करके बताया कि केतन अग्रवाल किले से फिसलकर गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। बाद में रिश्तेदारों और दोस्तों से मिली जानकारी और पूछताछ से शक पैदा हुआ; ऐसा हादसा अचानक हो जाना मुमकिन नहीं लग रहा था, खासकर इसलिए क्योंकि केतन एक अनुभवी ट्रेकर थे। परिवार ने शक जताया और इन्हीं शक के आधार पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।'
एसपी ने आगे कहा, ‘गुप्त सूत्रों, गवाहों के बयानों और तकनीकी सबूतों से पता चला कि सिया गोयल का चेतन चौधरी नाम का एक दोस्त था। वे दोनों लगभग एक साल से एक-दूसरे को जानते थे। उन्होंने इस योजना को अंजाम देने की साजिश रची। लोहगढ़ किले में उन्होंने केतन अग्रवाल को धक्का दे दिया, जिससे गिरकर उनकी मौत हो गई। इसके बाद लोनावला ग्रामीण पुलिस स्टेशन ने उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है; पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और आगे की जांच चल रही है।’
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 25 June 2026 at 08:09 IST