EXCLUSIVE/ 'देखते हैं कौन से योगी-मोदी बचाएंगे?',महिलाओं को देता था दफनाने की धमकी; रिपब्लिक भारत ने खोल दिया गुप्त कब्रिस्तान का राज
रिपब्लिक भारत ने आज उस कब्रिस्तान को खोज निकाला है। छांगुर के घर के पीछे रिपब्लिक भारत ने झाड़ियों के पीछे से उस कब्रिस्तान को खोज निकाला। इस कब्रिस्तान में कम से कम 50 से सौ लाशें दफन की गई हैं। आखिर यह लाशें किसकी हैं?
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में धर्मांतरण का रैकेट चला रहे छांगुर उर्फ जलालुद्दीन को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क ने अब छांगुर को लेकर एक बहुत बड़ा खुलासा किया है। रिपब्लिक भारत ने छांगुर के गुप्त कब्रिस्तान का पता लगा लिया है। ये छांगुर के बलरामपुर वाले घर में है। छांगुर किसी को भी इस कब्रिस्तान में मारकर दफना देने की धमकी दिया करता था। इस मामले में जब रिपब्लिक भारत ने और छानबीन की तो छांगुर से पीड़ित एक महिला ने बताया कि छांगुर के घर में एक गुप्त कब्रिस्तान भी है। इसकी जानकारी सिर्फ छांगुर को है।
छांगुर गैंग से पीड़ित महिला ने मीडिया को बताया कि वो मुझे धमकी देते हुए कहता था कि 'अगर तुम बात नहीं मानोगी तो मैं तुम्हें अपने बलरामपुर वाले घर के कब्रिस्तान में दफन करवा दूंगा। देखते हैं कौन से योगी और मोदी तुम्हें बचाएंगे?' पीड़िता के इस बयान के बाद उसके बाद रिपब्लिक भारत ने उस कब्रिस्तान को ढूंढ निकाला है। इसके पहले जब छांगुर के घर पर जब बुलडोजर चल रहा था तब भी वहां पर कब्रिस्तान नहीं मिला था। उसके घर में कुछ मजारें मिली थीं।
छांगुर के गुप्त कब्रिस्तान में दफन थीं 50 से 100 लाशें
रिपब्लिक भारत ने आज उस कब्रिस्तान को खोज निकाला है। छांगुर के घर के पीछे रिपब्लिक भारत ने झाड़ियों के पीछे से उस कब्रिस्तान को खोज निकाला। इस कब्रिस्तान में कम से कम 50 से सौ लाशें दफन की गई हैं। आखिर यह लाशें किसकी हैं? क्या अगल-बगल वालों की हैं या अनाम हैं ? रिपब्लिक भारत ने जब इस गुप्त कब्रिस्तान को ढूंढ निकाला तो पीड़िता ने कहा कि मुझे इसी कब्रिस्तान में दफन करने की धमकी देता था छांगुर। ऐसे में बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि क्या यहां पर और भी लड़कियों की लाशें दफन हैं? उस इलाके की जो लड़कियां लापता हैं जिनका कुछ अता-पता नहीं है अब जांच एजेंसियों को इस कब्रिस्तान और यहां पर दफन हुई लाशों के बारे में भी जांच पड़ताल करनी चाहिए।
धर्मांतरण के बाद छांगुर करवाता था घिनौने काम
जांच एजेंसियों ने आगे बताया कि छांगुर जिन हिन्दू धर्म के लोगों को इस्लाम धर्म स्वीकार करवाता था उनका वो परीक्षण भी करता था कि उनका हिन्दू धर्म से मोहभंग हुआ कि नहीं। इसके लिए छांगुर उर्फ जलालुद्दीन ऐसे लोगों को धर्म परिवर्तन के बाद सबसे पहले कलमा पढ़ने को कहता था। उसके बाद वो ये चेक करना चाहता था कि क्या अभी भी इस शख्स के अंदर हिन्दू मान्यताएं जिंदा है इसके लिए वो ऐसे लोगों को प्रतिबंधित जानवरों का मांस खिलाता था अगर ऐसे में कोई भी हिन्दू धर्म का शख्स होगा तो वो इस बात से थोड़ा तो जरूर ही हिचकेगा। इस तरह से छांगुर धर्मांतरण के बाद भी लोगों को चेक करता था कि वो पूरी तरह से इस्लाम स्वीकार कर चुके हैं या नहीं। इतना ही नहीं छांगुर इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो भी बनवाता था ताकि कोई शख्स अगर धर्म परिवर्तन के बाद इनकार करे तो वो उसे वीडियो से साबित भी कर सके।
Published By : Ravindra Singh
पब्लिश्ड 20 July 2025 at 15:39 IST