अपडेटेड 16 March 2026 at 13:15 IST

'RSS पर लगे बैन', अमेरिकी धार्मिक स्वतंत्रता पैनल ने ट्रंप प्रशासन से की सिफारिश, कांग्रेस ने भी किया समर्थन

कांग्रेस ने USCIRF की रिपोर्ट को शेयर कर RSS पर बैन की मांग का समर्थन किया और कहा कि संविधान विरोधी RSS, देश की एकता और भाईचारे के लिए जहर है।

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कांग्रेस ने RSS पर बैन लगाने की मांग का किया समर्थन | Image: X/ Republic

Congress on USCIRF Report: कांग्रेस ने USCIRF की रिपोर्ट का हवाला देकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध की सिफारिश का समर्थन किया है। दरअसल, अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने अपनी एक रिपोर्ट में RSS और RAW के कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए और ट्रंप प्रशासन से कहा कि इन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने किया USCIRF की मांग का समर्थन

कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर USCIRF की इसी रिपोर्ट को शेयर करते हुए RSS पर बैन की मांग का सपोर्ट किया। पोस्ट में लिखा गया, "RSS पर अमेरिका में प्रतिबंध लगाना चाहिए- ये बात अमेरिका की सरकारी संस्था USCIRF ने ट्रंप सरकार से कही है। USCIRF का कहना है कि RSS लोगों की धार्मिक आजादी के लिए खतरनाक है। ये धर्म के आधार पर भेदभाव बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है।"

पोस्ट में कहा गया कि आयोग की रिपोर्ट में RSS पर तुरंत प्रतिबंध लगाने, संपत्ति को जब्त करने और RSS के लोगों की अमेरिका में एंट्री बैन करने की मांग की गई है।

देश की एकता और भाईचारे के लिए जहर है RSS- कांग्रेस

कांग्रेस ने लिखा कि महात्मा गांधी की हत्या के बाद, सरदार पटेल ने RSS को भारत में बैन कर दिया था। मनुस्मृति से देश चलाने की वकालत करने वाला संविधान विरोधी RSS, देश की एकता और भाईचारे के लिए जहर है।

कांग्रेस की यह पोस्ट राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गई है। इसे भारत के आंतरिक मामलों में विदेशी संस्था की सिफारिशों को बढ़ावा देने के रूप में देखा जा रहा है। वैसे ऐसा पहली बार नहीं है, जब देश के अंदरूनी मुद्दों पर विदेशी हस्तक्षेप की मांग या समर्थन किया गया हो। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद भारत के अंदरूनी मसलों को कई देशों में उठाते नजर आए हैं। बीजेपी ने कई बार उन पर विदेशी धरती पर भारत को बदनाम करने का भी आरोप लगाया।

USCIRF साल 1998 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा बनाया गया एक स्वतंत्र आयोग है। यह दुनियाभर में धार्मिक स्वतंत्रता की निगरानी करता है और अमेरिकी सरकार को सुझाव देना है। हालांकि व्हाइट हाउस इन सुझावों को मानने के लिए बाध्य नहीं है।

आयोग ने ये मांगे भी की

USCIRF ने अपनी रिपोर्ट में भारत को 'विशेष चिंता वाले देश' (Countries of Particular Concern) की श्रेणी में शामिल करने की सिफारिश की है, क्योंकि वहां धार्मिक स्वतंत्रता के गंभीर, निरंतर और अत्यधिक उल्लंघन हो रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिका नागरिकों के उत्पीड़न के आधार पर भारत को हथियारों की बिक्री पर रोक लगाने की बात कही गई है।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 16 March 2026 at 13:15 IST