FCRA बिल को लेकर सियासी पारा हाई, संसद में चर्चा से पहले कांग्रेस ने लोकसभा सांसदों को जारी किया व्हिप, इन 3 तारीखों को सदन में मौजूद रहने का आदेश
संसद का मानसून सत्र इस बार लगातार सियासी घमासान की भेंट चढ़ता आ रहा है। दूसरा सच यह भी है कि अभी ये घमासान दूर-दूर तक थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है और यह गतिरोध और बढ़ने के पूरे आसार हैं।
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संसद का मानसून सत्र इस बार लगातार सियासी घमासान की भेंट चढ़ता आ रहा है। दूसरा सच यह भी है कि अभी ये घमासान दूर-दूर तक थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है और यह गतिरोध और बढ़ने के पूरे आसार हैं। संसद के मानसून सत्र में एफसीआरए (विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम) संशोधन विधेयक पर चर्चा से पहले कांग्रेस ने अपने लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के लिए तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।
पार्टी ने सभी सांसदों को 10, 11 और 12 अगस्त को सदन में अनिवार्य रूप से मौजूद रहने और पार्टी के रुख का समर्थन करने का निर्देश दिया है। पार्टी के अनुसार इन तीन दिनों में बेहद महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। कांग्रेस ने अपने सहयोगियों को भी एकजुट करने की कवायद शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने 'इंडिया गठबंधन' के सभी साथी दलों से भी संपर्क किया है।
उनसे अनुरोध किया गया है कि वे इन तीन दिनों के दौरान अपने सांसदों की सौ फीसदी मौजूदगी सुनिश्चित करें। पिछले दिनों संसद की कार्यवाही के दौरान राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे हमलावर दिखे थे। उन्होंने छात्र आंदोलन पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए थे।
FCRA संशोधन विधेयक बिल पेश कर सकती है सरकार
दरअसल, केंद्र सरकार अगले सप्ताह एफसीआरए संशोधन विधेयक को चर्चा के लिए पेश कर सकती है। इसके अलावा परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को भी दोबारा सदन में लाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अगले सप्ताह के लिए सरकार की ओर से जारी संभावित कार्यसूची में अब तक एफसीआरए संशोधन विधेयक और परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
इन बड़े बिल पर है नजरें
गौरतलब है कि राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सरकार इस दौरान बड़े कदम उठा सकती है। इसमें एफसीआरए संशोधन बिल, जिसको लेकर सदन में तीखी बहस होने के पूरे आसार हैं। दूसरी ओर परिसीमन पर संविधान संशोधन बिल। माना जा रहा है कि सरकार परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन बिल को भी फिर से लाने पर विचार कर रही है।
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि संसदीय कार्य राज्य मंत्री द्वारा अगले सप्ताह के लिए जारी किए गए संभावित सरकारी कामकाज की सूची में आधिकारिक तौर पर इन दोनों में से किसी भी बिल का जिक्र नहीं है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और ज्यादा बढ़ गई है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 7 August 2026 at 17:49 IST