'हर दर्द महिलाएं याद रखेंगी...', स्मृति ईरानी ने प्रियंका गांधी पर साधा निशाना, बोलीं- महिलाओं का हक छीने जाने का कांग्रेस ने मनाया जश्न
महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गए। ये बिल लोकसभा में गिरने के बाद राजनीतिक दलों की रार अब संसद से सड़कों पर आ गई है। इस बीच स्मृति ईरानी और रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर हमला बोला।
महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल लोकसभा में गिर गए। ये बिल लोकसभा में गिरने के बाद राजनीतिक दलों की रार अब संसद से सड़कों पर आ गई है। इस बीच स्मृति ईरानी और रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर हमला बोला। स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि महिलाओं के अधिकार ने देकर कांग्रेस ने कल जश्न मनाया। हर दर्द महिलाएं याद रखेंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके समर्थक दलों ने इस बात का उत्सव मना रहे हैं कि जो महिलाएं 33 फीसदी का आरक्षण मांग रही थीं, उन्हें अधिकार से वंचित रखा गया।
स्मृति ने कहा कि कांग्रेस ने यह कटाक्ष किया कि भाजपा के कुछ लोगों ने मसीहा बनने का प्रयास किया। यह सामंतवादी सोच की निशानी है, जिन्हें लगता है कि लोकतंत्र में किसी को सांविधानिक अधिकार दिलाया जाए तो वह अधिकार दिलाने वाला कोई मसीहा होगा। महिलाएं याद रखेंगी कि जब छह दशक तक कांग्रेस के पास सत्ता थी, तो 11 करोड़ महिलाएं शौचालय से वंचित रहीं। तीन तलाक एक अभिशाप बनकर मंडराता रहा।
रवि शंकर प्रसाद ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने भी कांग्रेस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि 'मैं प्रियंका गांधी पर कुछ नहीं बोलता। पहली बार उन पर बोल रहा हूं। उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्प्रेंस में कहा कि महिला का इस्तेमाल करना चाहते हैं। क्या देश की नारी इस्तेमाल का विषय है। यहा कांग्रेस पार्टी की एक महिला सांसद, जो प्रीमियर परिवार से आती हैं, वह बोल रहीं हैं। महिला कमोडिटी है, जिसका इस्तेमाल हो सकता है। महिला देश की नारी है, दुर्गा है, काली, भारत की आध्यात्मिक विरासत की प्रतीक है। हम बीजेपी के मंच से भर्त्सना करते हैं।
आपको बता दें कि प्रियंका गांधी ने कहा था, 'देश की जनता जागरूक है, सरकार उसे गुमराह नहीं कर सकती। भारत की जनता देख रही है कि मोदी सरकार सिर्फ मीडियाबाजी और PR पर टिकी हुई है और इसमें उनके करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। अमित शाह जी कल कह रहे थे कि हम पर भरोसा करिए, लेकिन असलियत यही है कि जनता का भरोसा इस सरकार से उठ चुका है।'
उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि यह एक साज़िश है कि किसी तरह उन्हें सत्ता में बने रहना है। इसलिए इसे हासिल करने के लिए, वे महिलाओं का इस्तेमाल करके हमेशा सत्ता में बने रहने की प्लानिंग कर रहे हैं। उन्होंने सोचा कि अगर यह पास हो गया तो वे जीत जाएंगे। अगर यह पास नहीं हुआ तो वे दूसरी पार्टियों को महिला विरोधी बताकर महिलाओं के मसीहा बन जाएंगे। हम जानते हैं कि महिलाओं के लिए मसीहा बनना आसान नहीं है।
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 18 April 2026 at 14:22 IST