RG Kar मामले में CM सुवेंदु का बड़ा एक्शन, पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ ED को केस चलाने की दी मंजूरी, कहा- बहन अभया को न्याय...
RG Kar Case: पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज दुष्कर्म और हत्या मामले में बड़ा फैसला लेते हुए संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मंजूरी दे दी है।
RG Kar Case: पश्चिम बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी ने आरजी कर मामले में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मुकदमा चलाने की इजाजत दे दी है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से सोमवार (18 मई) को जारी आदेश में कहा गया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत संदीप घोष के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी गई है।
CM सुवेंदु ने क्या कहा?
CM सुवेंदु अधिकारी ने खुद X पर पोस्ट शेयर कर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैं खुद को खुशकिस्मत महसूस कर रहा हूं कि मैंने मुख्यमंत्री के तौर पर एक बड़ा और पॉजिटिव कदम उठाया है। 9 अगस्त, 2024 को R.G. कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में बहन अभया की बेरहमी से हत्या और रेप के मामले में, उस समय के R.G. कर सुपरिटेंडेंट संदीप घोष को ED को उस व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की इजाजत दे दी है।
मुख्यमंत्री ने TMC को घेरते हुए कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने इस मामले की जांच प्रक्रिया को जबरदस्ती और गलत तरीके से लंबे समय तक रोके रखा। लेकिन हमारा मानना है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। सच को दबाया नहीं जा सकता। मैं चाहता हूं कि बहन अभया के असली गुनहगारों की जल्द पहचान हो, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिले और बंगाल के लोग न्याय देखें।
पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर भ्रष्टाचार के आरोप
मामला 8-9 अगस्त 2024 का है, जब कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज के सेमिनार हॉल में एक जूनियर डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले ने पूरे देश में काफी तूल पकड़ा था और लोगों का इस पर काफी गुस्सा फूटा। पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे। ED ने अस्पताल में टेंडर और खरीदारी में अनियमितताओं की जांच की थी। अब राज्य सरकार ने ED को संदीप घोष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दे दिया गया है।
तीन IPS अधिकारियों को भी किया था निलंबित
इससे पहले सीएम सुवेंदु अधिकारी ने हाल ही में आरजी कर मामले में तीन IPS अधिकारियों को निलंबित भी किया था। इनमें पूर्व कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल, पूर्व पुलिस उपायुक्त (उत्तर) अभिषेक गुप्ता और पुलिस उपायुक्त (मध्य) इंदिरा मुखर्जी शामिल थे। आरोप है कि मामले शुरुआती जांच में लापरवाही बरती गई, परिवार को रिश्वत देने की कोशिश की गई और बिना अनुमति प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। सरकार ने इस केस की सही से जांच करने और पीड़िता के परिवार को न्याय दिलाने की बात कही है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 19 May 2026 at 11:52 IST