'अहंकारी रावण का अंत माता सीता के अपमान...', महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष पर बरसे CM धामी, विधानसभा के विशेष सत्र में हंगामा

Uttarakhand Assembly Special Session 2026: विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उन्हें (विपक्ष को) डर था कि सामान्य घर की महिलाएं राजनीति में आएंगी तो इनकी वंशवाद की राजनीति खत्म हो जाएगी।

Follow :  
×

Share


महिला आरक्षण पर सीएम धामी | Image: X

Uttarakhand News: महिला आरक्षण लागू करने के लिए उत्तराखंड में एक दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसको लेकर सियासी पारा हाई हो गया है। एक तरफ सदन के अंदर माहौल गरमाया हुआ है, तो वहीं बाहर सड़कों पर भी हंगामा जारी है। इस बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विपक्षी पार्टियों कांग्रेस, SP, TMC और DMK को घेरते हुए कहा कि इनके नेताओं ने 'नारी शक्ति' का अपमान किया है। 

CM धामी ने कहा कि जिस तरह से INDI गठबंधन के सभी नेता लोकसभा में बोल रहे थे, उसे सुनकर मुझे लंकापति रावण जैसा ही अहंकार महसूस हुआ। लेकिन शायद हमारे कांग्रेस नेता यह भूल गए कि अहंकारी रावण का अंत माता सीता के अपमान के कारण ही हुआ था।

नारी को उनका अधिकार जरूर मिलेगा- CM धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश की महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां हमारी मातृभूमि अपनी शक्ति और कौशल से भारत के गौरव और महिमा को आगे न बढ़ा रही हो। अगर मैं उत्तराखंड की बात करूं, तो हमारी माताओं और बहनों ने हर संघर्ष में एक अहम भूमिका निभाई है।

उन्होंने देश की नारी शक्ति को विश्वास दिलाया कि उन्हें उनका अधिकार जरूर मिलेगा। सीएम धामी ने कहा कि आधी आबादी को उनका पूरा हक प्रदान करने का प्रयास मिले ताकि मातृशक्ति विकसित भारत के निर्माण में अपनी पूरी क्षमता से योगदान दे सके। उन्हें (विपक्ष को) डर था कि सामान्य घर की महिलाएं राजनीति में आएंगी तो इनकी वंशवाद की राजनीति खत्म हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नारी का अधिकार छीनकर तुम इतना अभिमान न करो। अहंकार अपना त्यागो। आज नहीं तो कल ये परिवर्तन अनिवार्य है।

‘भाजपा सपने दिखाने और सपने गढ़ने में सबसे आगे’

सीएम के संबोधन के बाद सदन में अब नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सपने दिखाने और सपने गढ़ने में सबसे आगे है।  सरकार 8 साल का इंतजार करा रही है। 2034 तक ये कानून लागू हो पाएगा। भाजपा 2023 के कानून को लागू क्यों नहीं करना चाहती। यह राजनीतिक जमीन को बचाने का मामला है। कोई महिलाओं को अधिकार देने का नहीं है।

महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया

महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर सदन के बाहर भी हंगामा हुआ। विधानसभा कूच करने जा रही महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित कई महिला कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।

यह भी पढ़ें: 'शुरू तुमने किया, खत्म हम करेंगे', IPS अजय पाल शर्मा की सख्त चेतावनी पर TMC उम्मीदवार जहांगीर खान का पलटवार, बंगाल में वोटिंग से पहले मचा बवाल
 

Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 28 April 2026 at 14:56 IST