Chamoli Tunnel Collapse: खराब मौसम के बावजूद चमोली के पीपलकोटी पहुंचे CM धामी; रेस्क्यू ऑपरेशन की ली जानकारी; अब तक 7 मजदूरों की मौत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के पिपलकोटी में बन रही सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चल रहे बचाव अभियान का मौके पर जाकर जायजा लिया।
- भारत
- 3 min read
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को चमोली जनपद के मायापुर (पीपलकोटी) स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के स्थल पर पहुंचे। बेहद खराब मौसम के बावजूद उन्होंने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के अधिकारियों से बचाव अभियान की प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए।
हादसे में अब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है। टनल के अंदर कुछ और मजदूर फंसे है, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। खराब मौसम की वजह से मुख्यमंत्री धामी के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग भी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में संभव हो सकी। मुख्यमंत्री धामी ने सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चल रहे बचाव अभियान का मौके पर निरीक्षण किया।
CM धामी ने रेस्क्यू ऑपरेशन की ली जानकारी
मुख्यमंत्री धामी ने मौके पर मौजूद प्रशासन, पुलिस, SDRF, NDRF और दूसरी एजेंसियों से बचाव अभियान की प्रगति की जानकारी ली। सीएम बचाए गए घायल मजदूरों से भी मिलेंगे और उनका हाल-चाल जानेंगे।
सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
हादसे की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC), देहरादून ने राहत-बचाव अभियान, रेस्क्यू किए गए और लापता लोगों की जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ये नंबर हैं- 1070, 0135-2710334 और 82188 67005
हादसे के समय टनल में थे 20 से अधिक मजदूर
टनल की कुल लंबाई लगभग 3 किलोमीटर है। इसमें से करीब 1.50 किलोमीटर हिस्से में भूधंसाव के कारण मलबा और पानी भर गया है। हादसे के समय टनल के अंदर 20 से अधिक मजदूर काम कर रहे थे। रेस्क्यू किए गए घायलों को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर लाया गया है। सीएम धामी थोड़ी देर में अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात करेंगे।
इससे पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देर रात्रि राज्य आपदा परिचालन केंद्र भी पहुंचे थे। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की कमान संभालते हुए एजेंसियों को युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए थे। सीएम ने घटना के संबंध में झारखंड के मुख्यमंत्री एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता भी की। सीएम ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को टनल में फंसे उनके राज्यों के श्रमिकों की स्थिति से अवगत कराया।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 14 August 2026 at 10:32 IST