WhatsApp ग्रुप पर मैसेज, 'मारो सर मारो' के नारे, जंतर-मंतर पर हरियाणा नंबर का पत्थरों से भरा ट्रक... CJP प्रदर्शन में हिंसा की साजिश किसने रची?
प्रदर्शन में मौजूद एक छात्र ने बताया कि हमने देखा कि प्रदर्शन स्थल के पास एक ट्रक खड़ा था। उस पर हरे रंग का तिरपाल पड़ा था, लेकिन किनारों से बड़े-बड़े पत्थर साफ दिखाई दे रहे थे।
- भारत
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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने प्रदर्शन का ऐलान पहले ही कर दिया था। अमूमन होता ये है कि जब भी कोई बड़े प्रदर्शन का ऐलान होता है उससे पहले ही जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी कर दी जाती है कि अराजकता की कोई गुंजाइश ही ना बचे। आसपास की सड़के सील कर दी जाती हैं, आसपास के मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद कर दिए जाते हैं और हर आने जाने वालों पर निगरानी रखी जाती है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि इसी सुरक्षा घेरे के बीच प्रदर्शन स्थल के पास हरियाणा नंबर का एक ट्रक (HR 63 E 6865) कथित तौर पर पत्थरों से भरा हुआ कैसे पहुंचा?
पुलिस पूरे मामले की जांच की बात कह रही है। सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव के बाद अब विवाद का केंद्र ये ट्रक बन गया है। प्रदर्शन में मौजूद एक छात्र ने बताया कि हमने देखा कि प्रदर्शन स्थल के पास एक ट्रक खड़ा था। उस पर हरे रंग का तिरपाल पड़ा था, लेकिन किनारों से बड़े-बड़े पत्थर साफ दिखाई दे रहे थे। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पता चला कि पास में एक गाड़ी में पत्थर रखे हैं। उस समय लगा कि शायद किसी ने पहले से इसकी तैयारी की है। ट्रक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लेकिन रिपब्लिक भारत उस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
इसके अलावा दिल्ली में संसद मार्च के दौरान एक प्रदर्शनकारी का पुलिस के सामने खड़े होकर बार-बार मारो सर, मारो कहते हुए दिखाई देने वाला वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर साझा किया गया। यह वीडियो उस समय का है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर निकाले गए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी भारी बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?
दिल्ली पुलिस का कहना है कि पत्थरों से जुड़े मामले की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित ट्रक प्रदर्शन स्थल तक कैसे पहुंचा। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वाहन वहां किस उद्देश्य से मौजूद था और पथराव की शुरुआत किसने की।
घर पर झूठ बोल प्रदर्शन में दूर-दराज से पहुंची थीं युवतियां
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में शामिल होने के लिए युवतियां देश के कोने-कोने से दिल्ली पहुंची थीं। अधिकतर ने परिजनों से झूठ बोलकर दिल्ली की राह पकड़ी। इन लोगों ने यहां आने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप और अपने-अपने नेटवर्क का सहारा लिया।
सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल कई लोगों के मुद्दे सीजेपी की मांगों से अलग रहे। इनमें से कोई जम्मू में 370 के खिलाफ तो कोई पुलिस की बर्बरता की शिकायत लेकर यहां पहुंचा। प्रदर्शन में शामिल युवतियां काफी गुस्से में नजर आईं।
CJP के प्रदर्शन से जुड़े व्हाट्सएप चैट लीक, जानबूझकर हिंसा भड़काने का था प्लान?
दिल्ली में सोमवार (20 जुलाई) को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रोटेस्ट में भड़की हिंसा पर पुलिस की जांच जारी है। हिंसा को लेकर साजिश की आशंका भी जताई जा रही है। इस बीच, रिपब्लिक को कथित व्हाट्सएप ग्रुप की बातचीत मिली है, जिससे 20 जुलाई के 'संसद चलो' विरोध प्रदर्शन की योजना का खुलासा होता दिख रहा है। कई मैसेज से पता चलता है कि तैयारियां एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रदर्शन से कहीं अधिक व्यापक थीं।
'JNU संसद चलो कोऑर्डिनेशन' और 'चलो संसद- 20 जुलाई' नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप्स से ये चैट्स लीक हुई है। इन लीक ग्रुप चैट्स में कई चौंकाने वाले मैसेज है, जिसमें जानबूझकर लोगों की जान को जोखिम में डालने की बात कही गई है। एक मैसेज में साफ तौर पर लिखा है, "भाई अगर किसी की मौत होती है तो उसमें तो सरकार पर ज्यादा प्रेशर आएगा।"
एक अन्य मैसेज में प्रदर्शनकारियों को उकसाते हुए उनके 'बलिदान' देने जैसी बातें कही गई। इसमें लिखा गया, "अगर आप अपनी जान देने के लिए तैयार हैं, तो कम से कम तुम्हारा एहसान तो याद रहेगा, आने वाली पीढ़ियों पर। मेरा भाई उस प्रोटेस्ट में मारा गया, याद किए जाओगे। यह जानकर अच्छा लग रहा है कि इतने लोग अपनी जान देने को तैयार हैं।"
प्रदर्शन से पहले के वायरल हो रहे एक अन्य कथित मैसेज में यह भी लिखा है, "लाल सलाम। कल मोदी सरकार का आखिरी दिन होगा।"
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 21 July 2026 at 16:44 IST