डीपफेक और साइबर हमलों की अब खैर नहीं! IIT में CISF के जवानों को मिलेगी स्पेशन ट्रेनिंग
आईआईटी कानपुर के साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र सी3आईहब और CISF के बीच आवासीय साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
- भारत
- 2 min read
गौरव त्रिवेदी
IIT Kanpur CISF Cyber Security Training: देश की रणनीतिक और महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा करने वाले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF की साइबर सुरक्षा क्षमता को मजबूत करने की तैयारी है। इसके लिए IIT कानपुर के साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र सी3आईहब और CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं।
समझौते के तहत CISF कर्मियों के लिए IIT कानपुर परिसर में छह हफ्ते का विशेष आवासीय साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हर बैच में 40 CISF कर्मी शामिल होंगे। खास बात ये है कि प्रशिक्षण गैर-व्यावसायिक आधार पर होगा और प्रतिभागियों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
बेसिक टू डिजिटल फॉरेंसिक तक होगी ट्रेनिंग
ट्रेनिंग में IT और नेटवर्किंग की बुनियादी जानकारी से लेकर साइबर घटना प्रबंधन, डिजिटल फॉरेंसिक, सुरक्षा कमजोरियों की पहचान, सिस्टम रिकवरी और बिजनेस कंटिन्यूटी जैसे विषय शामिल होंगे।
पाठ्यक्रम में Ai, डीपफेक और क्लाउड सिक्योरिटी शामिल
इसके अलावा AI, जनरेटिव AI, डीपफेक, क्लाउड कंप्यूटिंग, IoT और ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी से जुड़े साइबर खतरों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सप्लाई चेन अटैक, पहचान की चोरी और AI के गलत इस्तेमाल जैसे उभरते खतरों से निपटने की रणनीति भी सिखाई जाएगी।
हमले की परिस्थिति का भी होगा अभ्यास
प्रशिक्षण का अहम हिस्सा सिम्युलेटेड साइबर अटैक होगा, जिसमें CISF कर्मी वास्तविक हमले जैसी परिस्थितियों में निर्णय लेने और टीम के साथ मिलकर कार्रवाई करने का अभ्यास करेंगे।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 17 September 2026 at 11:09 IST