Chirag Paswan: 'केंद्रीय मंत्री को कट्टर आतंकवादियों द्वारा मार दिया जाएगा...', चिराग पासवान को जान से मारने की मिली धमकी
Chirag Paswan: केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को जान से मारने की धमकी मिली है। एक अज्ञात पत्र के जरिए जान से मारने की धमकी मिली है, उनके कार्यालय ने यह जानकारी दी है।
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Chirag Paswan: मंगलवार, 1 सितंबर को केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान को डाक से जान से मारने की धमकी मिली है। मंगलवार को डाक से भेजे गए एक एक अज्ञात पत्र के ज़रिए जान से मारने की धमकी मिली है। पत्र में भेजने वाले ने चेतावनी दी है कि केंद्रीय मंत्री को जल्द ही "कट्टर आतंकवादी" मार डालेंगे। उनके कार्यालय ने यह जानकारी दी है।
अज्ञात पत्र में क्या लिखा था?
चिराग पासवान के एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी आलोक कुमार ने कहा 'मंत्रालय को एक बिना हस्ताक्षर वाला संदेश मिला जिसमें दो मोबाइल नंबर थे। कुमार ने कहा, "इसे खोलने पर पता चला कि इसमें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री की जान को सीधा खतरा बताया गया था। संदेश के धमकी भरे हिस्से में मोबाइल नंबरों को छोड़कर लिखा था। 'कट्टर आतंकवादियों द्वारा आपको जल्द ही मार दिया जाएगा'।"
पासवान के कार्यालय ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखा
चिराग पासवान को धमकी मिलने के बाद, उनके कार्यालय ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर इस पत्र के स्रोत और सच्चाई की तुरंत जांच करने और मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। पासवान के एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी आलोक कुमार ने केंद्रीय गृह सचिव को लिखे एक पत्र में कहा कि यह मामला केंद्रीय मंत्री की निजी सुरक्षा से जुड़ा है, जिन्हें अभी गृह मंत्रालय की ओर से Z-कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है।
एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी ने गहन जांच की मांग की
एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी आलोक कुमार ने केंद्रीय गृह सचिव को पत्र लिखकर गहन जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया, "संदेश की बातें, खासकर धमकी का सीधा स्वरूप और 'कट्टर आतंकवादियों' का ज़िक्र, गंभीर चिंता का विषय है और इससे मंत्री की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा होती हैं।"
कुमार ने कहा, "ऊपर बताई गई बातों को देखते हुए, मेरा अनुरोध है कि इस मामले को तत्काल आधार पर लिया जाए और धमकी भरे संदेश के स्रोत, प्रमाणिकता और परिस्थितियों की बिना किसी देरी के गहन जांच शुरू की जाए।"
पत्र में कहा गया, "इसके अलावा यह भी अनुरोध है कि धमकी की आशंका और उनके तय सार्वजनिक कार्यक्रमों को देखते हुए मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए और ज़रूरत के अनुसार उसे बढ़ाया जाए।"
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 1 September 2026 at 18:29 IST