Chhath Puja 2026: 'यमुना नदी में 52 किमी की लंबाई में कोई झाग नहीं...', दिल्ली में छठ की तैयारी पर बोले मंत्री परवेश वर्मा

दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा के अनुसार, दिल्ली में यमुना नदी के 52 किलोमीटर के मुख्य हिस्से में कहीं भी झाग नहीं है। झाग केवल दिल्ली और उत्तर प्रदेश की सीमा के अंतिम बिंदु पर पानी के ऊपर से गिरने के कारण बनता है। उन्होंने पूर्वांचल समुदाय के लोगों को आश्वासन दिया है कि इस बार छठ पूजा के लिए पिछली बार से बेहतर तैयारियाँ की जा रही हैं। दिल्ली में नए घाट बनाए जा रहे हैं, वहां साफ पानी पहुंचाया जा रहा है और सभी अधिकारियों को व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दे दिए गए हैं।

 
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Chhath Puja 2026: 'यमुना नदी में 52 किमी की लंबाई में कोई झाग नहीं...', दिल्ली में छठ की तैयारी पर बोले मंत्री परवेश वर्मा | Image: ANI

लोक आस्था और सूर्य उपासना के महान पर्व छठ पूजा को लेकर दिल्ली में तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। हाल ही में दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने यमुना नदी में झाग के मुद्दे और छठ पूजा की व्यवस्थाओं पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

यमुना में झाग का सच, 52 किलोमीटर तक पानी साफ

छठ पूजा के दौरान यमुना नदी में झाग को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करते हुए मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में यमुना नदी लगभग 52 किलोमीटर लंबी है, और इस पूरे 52 किमी के हिस्से में कहीं भी झाग नहीं है। उन्होंने बताया कि झाग केवल उसी स्थान पर दिखाई देता है जहाँ दिल्ली की सीमा समाप्त होती है और उत्तर प्रदेश की शुरुआत होती है। उस अंतिम बिंदु पर पानी ऊँचाई से नीचे गिरता है (फॉल होता है), जिससे प्राकृतिक रूप से झाग बनता है। दिल्ली के भीतर यमुना का जल प्रवाह सामान्य और झागमुक्त है।

पूर्वांचल के भाई-बहनों के लिए बेहतर इंतजाम

पूर्वांचल समाज के श्रद्धालुओं को आश्वस्त करते हुए मंत्री ने कहा कि इस बार प्रशासन ने पिछली बार की तुलना में कहीं अधिक व्यापक और बेहतर तैयारियां की हैं। दिल्ली के विभिन्न इलाकों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नए और भव्य छठ घाट बनाए जा रहे हैं। सभी प्रमुख घाटों पर साफ और शुद्ध जल पहुंचाने का काम तेजी से जारी है। सभी संबंधित अधिकारियों को स्थल निरीक्षण करने और व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।

आस्था और स्वच्छता का संगम

दिल्ली सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण प्रदान करना है ताकि वे पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ छठी मइया की पूजा कर सकें। इस बार की तैयारियाँ पूर्वांचल के भाई-बहनों के लिए छठ पर्व को और भी खास और सुविधाजनक बनाएंगी।

October 26, 2026

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 26 October 2026 at 16:47 IST