अपडेटेड 3 February 2026 at 19:08 IST
Ankita Bhandari Case: हत्याकांड में VIP के खिलाफ CBI ने दर्ज की FIR, 2022 में रिसॉर्ट में काम करने वाली अंकिता भंडारी की हुई थी हत्या
Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड सरकार की सिफारिश पर सीबीआई (CBI) ने अंकिता भंडारी हत्या मामले में अज्ञात वीआईपी (VIP) के खिलाफ मामला दर्ज कर ली है। गौरतलब है कि अंकिता भंडारी का शव 24 सितंबर 2022 को ऋषिकेश में चिल्ला नहर से बरामद किया गया था।
Ankita Bhandari Murder Case: उत्तराखंड के ऋषिकेश की बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। सीबीआई ने इस मामले में अज्ञात वीआईपी (VIP) के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। उत्तराखंड सरकार की सिफारिश के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच CBI कर रही है।
दिल्ली स्थित सीबीआई की क्राइम ब्रांच शाखा संख्या-2 में एफआईआर (FIR) दर्ज की कर ली है। मामला दर्ज करने के बाद जांच के लिए विशेष टीम देहरादून पहुंच चुकी है और मामले की गहन विवेचना शुरू कर दी गई है। बता दें कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीबीआई जांच की मांग की थी। गौरतलब है कि CM पुष्कर सिंह धामी ने इसी साल 9 जनवरी को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी।
सितंबर 2022 में हुई थी हत्या
यह मामला सितंबर 2022 का है, जब पौड़ी जिले की निवासी और वनांतरा रिसोर्ट में काम करने वाली अंकिता की हत्या कर दी गई थी। अंकिता भंडारी का शव 24 सितंबर 2022 को ऋषिकेश में चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। इस मामले में 30 मई 2024 को जिला न्यायालय ने रिसोर्ट मालिक पुलकित आर्य सहित तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
VIP को एक्स्ट्रा सर्विस देने का आरोप
अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में तब मोड़ आया जब जांच में यह समाने आया कि उसे वीआईपी को 'विशेष सेवा' देने का दबाव बनाया गया था। हालांकि, एसआईटी (SIT) जांच में उस वीआईपी की पहचान और नाम उजागर नहीं हुआ था। इस बीच मामले में एक और मोड़ आया जब बीते दिनों पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के वायरल ऑडियो के बाद विवाद गहराया और राज्य में प्रदर्शन हुए। इसके बाद अंकिता के माता-पिता ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से सीबीआई जांच की अपील की।
तीन आरोपियों को हो चुकी जेल
अंकिता भंडारी हत्याकांड में पहले ही न्यायिक प्रक्रिया के तहत बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। इस मामले में एसआईटी की विस्तृत जांच के बाद करीब 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसके बाद अदालती कार्रवाई के बाद मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनतारा रिजॉर्ट का मालिक था, समेत तीनों आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई।
नजरें सीबीआई की जांच पर टिकी
सीबीआई द्वारा मामला दर्ज करने और जांच में लगने के बाद अब पूरे प्रदेश की निगाहें सीबीआई की जांच पर टिकी हैं कि क्या अज्ञात वीआईपी की पहचान सामने आएगी और क्या अंकिता को न्याय की पूरी तस्वीर मिलेगी। अब यह आने वाले दिनों में मालूम चल ही जाएगा।
Published By : Sujeet Kumar
पब्लिश्ड 3 February 2026 at 19:08 IST