BRICS 2026: PM मोदी-जिनपिंग मुलाकात, नई दिल्ली घोषणापत्र और मंच से पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश... ब्रिक्स समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ?
BRICS 2026: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन वैश्विक नेताओं द्वारा कई अहम कूटनीतिक और आर्थिक निर्णय लिए गए। 'ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र 2026' को सर्वसम्मति से पारित किया गया। घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले की निंदा की गई। PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई।
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BRICS 2026: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के पहले दिन वैश्विक नेताओं द्वारा कई अहम कूटनीतिक और आर्थिक निर्णय लिए गए। पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई, जिसके बाद दोनों ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को संबोधित किया।
सम्मेलन के पहले ही दिन 'ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणापत्र 2026' को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। घोषणापत्र में आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति दोहराई गई और जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई। वहीं, घोषणापत्र में एकतरफा टैरिफ और व्यापार पर चिंता जताई।
इसके बाद पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत हुई। द्विपक्षीय वार्ता में सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता को लेकर लक्ष्य निर्धारित किया गया। अंत में पीएम मोदी द्वारा भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए एक भव्य रात्रिभोज (गाला डिनर) का आयोजन किया।
पहले दिन PM मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए 7 साल के लंबे अंतराल के बाद भारत की धरती पर कदम रखा। शी जिनपिंग का विमान शनिवार दोपहर दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा। विमान के लैंड करते ही जिनपिंग को रेड कॉर्पेट वेलकम दिया गया, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद जिनपिंग ब्रिक्स समिट के लिए भारत मंडपम पहुंचे जहां उनकी मुलाकात पीएम मोदी से हुई।
नई दिल्ली घोषणापत्र और मंच से पश्चिमी देशों को कड़ा संदेश
ब्रिक्स देशों ने 'नई दिल्ली घोषणापत्र 2026' को अपनाया। ब्रिक्स घोषणापत्र में भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आकांक्षाओं का समर्थन किया गया। इसके अलावा, घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर आतंकी हमले की निंदा की गई और एकतरफा टैरिफ पर भी चिंता व्यक्त की गई है। ब्रिक्स समूह ने आतंकवाद के मुद्दे पर 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की "कड़े से कड़े शब्दों" में निंदा की जिसमें 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
इस घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों और तरीकों, जिनमें आतंकवादियों की सीमा-पार आवाजाही, आतंकवाद के लिए फंडिंग और सुरक्षित पनाहगाह शामिल हैं से निपटने के लिए ब्रिक्स (BRICS) की प्रतिबद्धता को दोहराया गया। इसमें आतंकवाद के प्रति 'जीरो टॉलरेंस की बात कही गई और इस खतरे से निपटने में दोहरे मापदंडों को खारिज किया गया। बता दें कि 11 सितंबर को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने G-7 को ब्रिक्स से पीछे बताया था।
PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता
ब्रिक्स घोषणापत्र के बाद PM मोदी और शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता सबसे अहम रही। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय वार्ता में स्पष्ट किया कि सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता आपसी संबंधों के लगातार विकास के लिए जरूरी आधार है। दोनों ने आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए का लक्ष्य निर्धारित किया।
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मुलाकात के दौरान कहा 'चीन-भारत संबंध विकसित हुए हैं और दोनों पक्ष रणनीतिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों के दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रख रहे हैं। शी जिनपिंग ने कहा कि हालांकि चीन और भारत अलग-अलग देश हैं, फिर भी दोनों देश "साझा विकास हासिल करने के लिए एक-दूसरे का समर्थन और मदद करने" में सक्षम रहे हैं।'
वहीं, विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि मतभेदों को विवाद नहीं बनाना चाहिए और दोनों पक्षों को आपसी सम्मान, आपसी संवेदनशीलता और आपसी हित के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।
भारत मंडपम में गाला डिनर
ब्रिक्स समिट के पहले दिन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए एक भव्य रात्रिभोज (गाला डिनर) का आयोजन किया, जिसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायेव, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांटो और विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
वहीं, इस गाला डिनर में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, सरबानंदा सोनोवाल और अर्जुन राम मेघवाल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी अन्य मंत्रियों के साथ भारत मंडपम में रात्रिभोज में शामिल हुए।
Published By : Sahitya Maurya
पब्लिश्ड 12 September 2026 at 23:13 IST