BRICS 2026: सज गया कूटनीति का सबसे बड़ा मंच, पूरी दुनिया की टिकी नजर... रूसी राष्ट्रपति पुतिन के तीन दिवसीय भारत दौरे का क्या है पूरा शेड्यूल?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं। हालांकि, उनकी यात्रा में सबसे अहम पड़ाव 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक होगी जिस पर पूरी दुनिया की नजरें हैं।
- भारत
- 3 min read
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं। हालांकि, उनकी यात्रा में सबसे अहम पड़ाव 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक होगी जिस पर पूरी दुनिया की नजरें हैं। इस बैठक में दोनों देशों के बीच क्रूड ऑयल, व्यापार, रक्षा और निवेश समेत कई अहम मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। इसके अलावा रक्षा क्षेत्र में कुछ बड़ी डील और घोषणाओं पर भी नजर है। बता दें कि इसके पहले दोनों नेता जब बिश्केक में मिले थे, तो उनके बीच खास बॉन्डिंग देखने को मिली थी।
आपको बता दें कि इस समिट में रूस, चीन, ईरान, इंडोनेशिया, इथियोपिया, कजाकिस्तान, फिलीपींस समेत कई देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शामिल होंगे। दुनियाभर से आए मेहमानों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें अलग-अलग होटलों में ठहराने की व्यवस्था की गई है।
दिल्ली में पुतिन का शेड्यूल
- 11 सितंबर- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पीएम मोदी से मिलेंगे। वो साथ में इनोपरोम (Innoprom) प्रदर्शनी का दौरा भी करेंगे। पुतिन ब्रिक्स बिजनेस फोरम में भाषण भी देंगे। वह दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति, मलेशिया के प्रधानमंत्री और ब्रिक्स न्यू डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख के साथ भी बैठकें करेंगे और मिस्र के नेता के साथ उनके बैठक की व्यवस्था की जा रही है।
- 12 सितंबर- पुतिन के कार्यक्रम में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेना शामिल है। वह भारतीय इनोवेशन प्रदर्शनी का दौरा करेंगे और ब्रिक्स नेताओं के साथ मिलकर एक पेड़ लगाएंगे। इसके अलावा राष्ट्रपति पुतिन पीएम मोदी द्वारा आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में शामिल होंगे और इथियोपिया के प्रधानमंत्री और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से भी मुलाकात करेंगे।
- 13 सितंबर- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स बैठक में भाग लेंगे।
12 सितंबर को दिल्ली आ रहे राष्ट्रपति शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शनिवार को यानी 12 सितंबर को दिल्ली आएंगे और रविवार को जाने से पहले उनकी मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत की उम्मीद है। यह 2019 के बाद शी की पहली भारत यात्रा होगी। शी अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। इसके बाद 2020 में ईस्टर्न लद्दाख में भारत और चीनी सेना के बीच गलवान में हिंसक झड़प हुई और इसने दोनों देशों के रिश्तों को पूरी तरह बदल दिया। धीरे धीरे रिश्ते बेहतर करने और विश्वास बहाली की सभी कोशिशें की जा रही हैं।
कौन मेहमान कहां ठहरेगा?
ब्रिक्स समिट में शामिल होने वाले ज्यादातर विदेशी मेहमान नई दिल्ली के अलग-अलग होटलों में ठहरेंगे। एक सूत्र के मुताबिक, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, इथियोपिया के प्रधानमंत्री, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति, थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री एक ही होटल में रुकेंगे, जबकि अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और सऊदी अरब, बहरीन और ब्राजील के वित्त मंत्री दूसरे होटल में ठहरेंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बांग्लादेश के VIP मेहमानों के साथ एक होटल में रुकेंगे। सूत्र ने आगे बताया कि दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बुरुंडी के राष्ट्रपति के साथ एक होटल में रुकेंगे। वहीं फिलीपींस के राष्ट्रपति, वियतनाम के प्रधानमंत्री, बोलीविया के VIP मेहमान और क्यूबा और उरुग्वे के वित्त मंत्री एक ही होटल में ठहरेंगे।
ईरान के राष्ट्रपति एक अलग होटल में रुकेंगे। सूत्र ने बताया, ‘चीन और बेलारूस के राष्ट्रपति एक ही होटल में रुकेंगे। मलेशिया के प्रधानमंत्री, नाइजीरिया के राज्य मंत्री, युगांडा के उपराष्ट्रपति और UN के महासचिव एक ही होटल में ठहरेंगे।
इसे भी पढ़ें- BRICS 2026: प्रगति, सहयोग और नेतृत्वकारी भूमिका...भारत के लिए क्यों अहम है BRICS, आम भारतवासियों को इससे क्या मिलेगा? जानिए सबकुछ
Published By : Ankur Shrivastava
पब्लिश्ड 10 September 2026 at 23:22 IST