गुरुग्राम में आधी रात से ब्लैकआउट... हड़ताल से बेहाल लोग, मंत्री अनिल विज बोले- जल्द निकलेगा समाधान
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के कारण गुरुग्राम के दर्जनों इलाकों में स्थिति गंभीर हो गई है। आधी रात से जारी बिजली कटौती की वजह से बिजली और पानी, दोनों की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ गई है। भीषण कटौती के चलते स्थानीय निवासियों को दैनिक कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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देश की प्रमुख साइबर सिटी गुरुग्राम इस समय गंभीर बिजली संकट की चपेट में है। बीती रात 12 बजे से शहर के दर्जनों इलाकों में पूरी तरह ब्लैकआउट छाया हुआ है। गुरुवार रात 10 से 12 बजे के बीच महज़ दो घंटे के लिए मिली अस्थायी राहत के बाद फिर से बत्ती गुल हो गई, जिससे पूरा शहर अंधेरे में डूब गया।
घनी आबादी वाले इलाकों में थमे जन-जीवन के पहिये
बिजली कटौती का सबसे बड़ा असर शहर के प्रमुख और घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर पड़ा है। सब-डिवीजन सेक्टर-2 (ब्लॉक-बी), अशोक विहार (फेज-2 व 3), सेक्टर-4, सेक्टर-5, दयानंद कॉलोनी, भीमगढ़ खेड़ी, पालम विहार सब-डिवीजन, सेक्टर-23, राजेंद्र पार्क, रतन विहार, विष्णु गार्डन और सेक्टर-105 जैसे इलाकों से शिकायतों की बाढ़ आ गई है। भीषण गर्मी और अंधेरे के कारण जहाँ लोगों की रात जागकर बीती, वहीं सुबह होते ही जलापूर्ति ठप होने से पानी के लिए हाहाकार मच गया।
ग्रामीण अंचलों में भी हालात बेकाबू
केवल शहरी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में भी स्थिति बेहद चिंताजनक है। सोहना और फरुखनगर तहसील के दर्जनों गांवों तथा कॉलोनियों में आपूर्ति पूरी तरह ठप होने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रात 12 बजे से सुबह 7 बजे के बीच दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के टोल-फ्री नंबर पर 5,500 से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। शिकायतों के इस विशाल आंकड़े के आगे हेल्पलाइन व्यवस्था भी चरमराती नज़र आ रही है।
प्रशासनिक तैयारी पर उठे गंभीर सवाल
कर्मचारियों की हड़ताल की पूर्व सूचना होने के बावजूद वैकल्पिक इंतजाम न करना प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। जब चेतावनी पहले से मौजूद थी, तो बैकअप प्लान क्यों तैयार नहीं किया गया? इस प्रशासनिक नाकामी का खामियाज़ा आज लाखों बेकसूर नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
राहत के लिए जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
इलेक्ट्रिसिटी हेल्पलाइन- 1912 / 1800-180-4334
WhatsApp हेल्पलाइन- 8813999708 / 9540954768
पावर सेक्टर के निजीकरण का विरोध और गहराता संकट
हरियाणा में बिजली विभाग के करीब 40,000 कर्मचारियों और इंजीनियरों की 3 दिवसीय हड़ताल से राज्य भर में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसके कारण अगले 72 घंटों तक बिजली सेवाएं बाधित रहने की आशंका है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह और सोनीपत में बिजली कटौती से पानी की सप्लाई और उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
जनजीवन प्रभावित, हाईवे जाम और सियासत तेज
नूंह में 24 घंटे से बिजली गुल रहने के कारण आम लोगों के साथ मवेशियों के लिए भी पानी का संकट पैदा हो गया है। स्थिति से निपटने के लिए बिजली दफ्तरों पर पुलिस तैनात है। रेवाड़ी के पलहावास में आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 352 जाम कर दिया। इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है; कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने तंज कसते हुए लिखा कि 'हरियाणा के सीएम हैं नायब, प्रदेश में बिजली है गायब.'
सरकार की अपील और हेल्पलाइन नंबर जारी
हरियाणा के बिजली मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की अपील करते हुए बताया कि समाधान लगभग निकल चुका है और दोपहर 3 बजे बैठक तय की गई है। वहीं, गुरुग्राम प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। उन्होंने कर्मचारी नेताओं से बातचीत की है और सरकार धारा 108 लागू करने पर सहमत हो गई है। मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद आज दोपहर 3 बजे पंचकूला में यूनियन नेताओं के साथ बैठक तय हुई है। मंत्री विज ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ ही घंटों में हड़ताल समाप्त हो जाएगी और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 23 October 2026 at 11:57 IST