'प्रदर्शन में कोई गोली नहीं चली, विपक्ष भ्रम फैलाना बंद करें', BJP ने किया जोरदार पलटवार, बाबरी मस्जिद घटना का क्यों किया जिक्र?

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि किसी भी आंदोलन, धरना-प्रदर्शन या अभियान के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और आवश्यक आदेश देने का निर्णय स्थानीय प्रशासन का होता है। साथ ही स्पष्ट किया कि वहां किसी प्रकार की गोली नहीं चली है।

 
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BJP Counterback to Opposition: दिल्ली में जारी छात्रों के प्रदर्शन के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। विपक्ष के सरकार पर छात्रों पर गोली चलवाने के लगाए गए आरोपों पर भाजपा ने आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष छात्र प्रदर्शन को लेकर गोलीबारी की अफवाहें फैला रहा है।

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने एक वीडियो बयान जारी कर कहा कि किसी भी आंदोलन, धरना-प्रदर्शन या अभियान के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने और आवश्यक आदेश देने का निर्णय स्थानीय प्रशासन का होता है।

बाबरी मस्जिद घटना का किया जिक्र

उन्होंने बाबरी मस्जिद घटना का जिक्र करते हुए कहा, 'तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के इशारे पर निहत्थे कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गई थीं। इस बात को उन्होंने खुद सार्वजनिक रूप से बेहद गर्व और छाती ठोंककर स्वीकार किया था कि मुसलमानों का भरोसा जीतने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया था। उन्होंने तो यहां तक कहा था कि अगर मुस्लिम समुदाय का भरोसा बनाए रखने के लिए कुछ और कारसेवक भी मर जाते, तब भी वह पीछे नहीं हटते।'

किसी प्रकार की गोली नहीं चली- राकेश त्रिपाठी

राकेश त्रिपाठी ने आगे विपक्ष को नसीहत दी कि वोट बैंक की राजनीति के लिए उस क्रर घटना की तुलना दिल्ली के प्रदर्शन से बिल्कुल न करें। वह कहते हैं, 'वोट बैंक पॉलिटिक्स में निहत्थे कारसेवकों पर गोली चलवाने की तुलना न करें और दिल्ली के आंदोलन के मामले में विपक्ष यह भ्रम फैलाना बंद करें। किसी प्रकार की गोली नहीं चली है। वहां सिर्फ आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे, जो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए थे।'

क्या है पूरा मामला?

NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर, पिछले हफ्ते दिल्ली और दूसरे शहरों में हजारों प्रदर्शनकारियों ने रैलियां कीं। 20 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन हिंसक हो चले, जब जंतर-मंतर पर जमा भारी भीड़ ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया। ऐसे में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़े और लाठीचार्ज भी किया, जिससे झड़पें हुईं और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान आरोप लगे कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोलियां भी चली हैं, जिसका आदेश गृहमंत्री ने दिया था। 

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Published By : Priyanka Yadav

पब्लिश्ड 30 July 2026 at 11:13 IST