UP: 40 कुंतल सुतली बम, 315-32 बोर के कारतूस और 1200 KG बारूद...पटाखा फैक्ट्री में बन रहे थे गोले; अगर होता ब्लास्‍ट तो उड़ जाता पूरा बिजनौर

बिजनौर में अवैध रूप से चल रही एक पटाखा फैक्ट्री के अंदर ऐसा काम चल रहा था, जिसे देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए। पटाखे बनाने की आड़ में यहां बम और कारतूस तैयार किए जा रहे थे।

 
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UP: 40 कुंतल सुतली बम, 315-32 बोर के कारतूस और 1200 KG बारूद...पटाखा फैक्ट्री में बन रहे थे गोले; अगर होता ब्लास्‍ट तो उड़ जाता पूरा बिजनौर | Image: X

बिजनौर में अवैध रूप से चल रही एक पटाखा फैक्ट्री के अंदर ऐसा काम चल रहा था, जिसे देखकर पुलिस के भी होश उड़ गए। पटाखे बनाने की आड़ में यहां बम और कारतूस तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री और बने हुए बम बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री से 1200 किलो से ज्यादा खतरनाक विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है।

इसके अलावा करीब 40 कुंतल बने हुए सुतली बम और 315 बोर के कारतूस भी मिले हैं। जांच के दौरान 32 बोर के कारतूस बनाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। फैक्ट्री को सिर्फ 50 किलोग्राम की अनुमति थी।  पटाखा फैक्टरी का संचालन करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर फैक्टरी का लाइसेंस निरस्त करने के लिए रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है।

एल्युमीनियम, गंधक और पोटेशियम नाइट्रेट बरामद

एसपी केके बिश्नोई ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद यूसुफ निवासी मोहल्ला पीर शहीद काला, नहटौर और गुफरान अहमद अंसारी निवासी नहटौर के रूप में हुई है। फैक्ट्री से 130 किलो एल्युमीनियम पाउडर, 559 किलो गंधक और 548 किलो पोटेशियम नाइट्रेट बरामद हुआ। तीनों की कुल मात्रा 1237 किलो है। पुलिस के मुताबिक, इतनी मात्रा में कच्चा माल रखने की अनुमति लाइसेंस में नहीं थी। राजस्व विभाग, अग्निशमन विभाग और फील्ड यूनिट की टीम ने संयुक्त रूप से फैक्ट्री की जांच की।

400 किलो तैयार आतिशबाजी की अनुमति, मिली 39 क्विंटल से ज्यादा

पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री के लाइसेंस में तैयार आतिशबाजी रखने की अधिकतम सीमा 400 किलो निर्धारित थी। इसके बावजूद मौके से 39 क्विंटल 59 किलो सुतली बम बरामद हुए। पुलिस ने फैक्ट्री से 13 कारतूस और 23 खाली खोखे भी बरामद किए हैं। एसपी के मुताबिक, पूछताछ में कारतूस तैयार किए जाने और दूसरे व्यक्ति को सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

आशीष बालियान के नाम था लाइसेंस

जांच में सामने आया कि फैक्ट्री का लाइसेंस आशीष बालियान के नाम पर है। पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री को किराए पर लेकर मोहम्मद यूसुफ और गुफरान अहमद चला रहे थे। पुलिस का कहना है कि आतिशबाजी बनाने के लिए कच्चा माल बिना पक्के बिल के खरीदा जाता था। तैयार आतिशबाजी भी कथित तौर पर बिना बिल के दूसरे राज्यों में बेची जा रही थी। पुलिस को खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड नहीं मिला है।

तमिलनाडु और महाराष्ट्र से आता था कच्चा माल

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बम बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक तमिलनाडु और महाराष्ट्र के अलावा दूसरे क्षेत्रों से भी खरीदा जाता था। अब पुलिस उन सभी लोगों और जगहों की जांच कर रही है, जहां से आरोपियों ने विस्फोटक सामग्री खरीदी थी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दायरे में आने वाले सभी लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी और जो भी इस मामले में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 15 September 2026 at 11:37 IST