Bihar: कला गुरुओं को 15000 तो शिष्यों को मिलेंगे 3000 रु प्रति माह, चुनाव से पहले नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, जानें कौन उठा सकता है लाभ
Mukhyamantri Guru Shishya Parampara Yojana: बिहार के सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 'मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना' की शुरुआत की गई है। जिससे बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और दुर्लभ कलाओं को एक नया जीवन मिलेगा। साथ ही राज्य की पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय कलाएं संरक्षित ओर सुरक्षित होंगी।
Mukhyamantri Guru Shishya Parampara Yojana: बिहार में इस साल के आखिरी में विधानसभा का चुनाव होना है। इस बीच प्रदेश की एनडीए और सीएम नीतीश सरकार के द्वारा कई सारी घोषणाएं की जा रही हैं। बीते दिनों बिहार में 'मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना' की शुरुआत की गई थी। आज शिक्षक दिवस के अवसर पर इस योजना की एक बार फिर से चर्चा हो रही है। लोग इसके बारे में जानना चाहते हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, बिहार में बीते 1 जुलाई 2025 को 'मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना' की शुरुआत हुई थी। सीएम नीतीश के मंत्रिमंडल ने इस योजना को शुरू करने और वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसे लागू करने की मंजूरी दी थी। यह योजना बिहार में कलाकारों और संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। आइए इसके बारे में जानते हैं, इसके साथ ही यह भी जानेंगे कि इसके लिए पात्र कौन हैं और कैसे और कितना उनको फायदा होगा…
'मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना'
बिहार के सूचना एवं जन-संपर्क विभाग के अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 'मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना' की शुरुआत की गई है। जिससे बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और दुर्लभ कलाओं को एक नया जीवन मिलेगा। साथ ही राज्य की पारंपरिक लोक एवं शास्त्रीय कलाएं संरक्षित ओर सुरक्षित होंगी। यह योजना सदियों पुरानी गुरु-शिष्य परंपरा को फिर से स्थापित करेगी साथ ही हमारी सांस्कृतिक विरासत और कला शैलियों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाएगी।
कलाकारों को आर्थिक मदद
मिली जानकारी के अनुसार, 'मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना' के तहत गुरुओं को प्रति महीने 15 हजार रुपये मिलेंगे। संगतकारों को 7500 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। वहीं, शिष्यों को प्रतिमाह 3000 रुपये मिलेंगे।
योजना के लिए पात्रता
- 'मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना' के लिए पात्रता की बात करें तो इसके लिए गुरु की उम्र कम से कम 50 साल या उससे अधिक होनी चाहिए।
- गुरु या इच्छुक को बिहार का मूल निवासी होना चाहिए।
- उनके पास कला या जरूरी विद्या (नियम के तहत तय) में कम से कम 10 साल का अनुभव होना चाहिए।
- शिष्यों को ट्रेनिंग देने के लिए गुरु के पास ट्रेनिंग सेंटर या जगह होनी चाहिए।
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
- पात्र आवेदकों को आवेदन विभाग द्वारा तय प्रपत्र में करना होगा।
- आवेदन को आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ आपको सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, विकास भवन सचिवालय, पटना में स्पीड पोस्ट अथवा हाथों-हाथ जमा करना है।
- इस योजना की अधिक और विस्तार से जानकारी आप आधिकारिक वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/yac/ पर जाकर ले सकते हैं।
Published By : Amit Dubey
पब्लिश्ड 5 September 2025 at 18:16 IST