अपडेटेड 21 February 2026 at 10:19 IST
'महाभारत के धृतराष्ट्र को सिर्फ दुर्योधन की फिक्र', मैथिली ठाकुर के तीखे तंज पर भड़के तेजस्वी यादव, बोले- विधायक बनते ही...
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में मैथिली ठाकुर के 'धृतराष्ट्र' वाले बयान पर सियासी युद्ध छिड़ गया है। उन्होंने इशारों-इशारों में धृतराष्ट्र और दुर्योधन का जिक्र कर लालू यादव और तेजस्वी यादव पर हमला बोला। अब आरजेडी कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष ने उनके बयान की आलोचना की है।
Tejashwi Yadav on Maithili Thakur Statement: बिहार विधानसभा में भाजपा की सबसे युवा विधायक मैथिली ठाकुर के भाषण की खूब चर्चा है। उन्होंने सरकार के पक्ष में बोलते हुए लालू-राबड़ी राज की याद दिलाई। यही नहीं, उन्होंने बिना नाम लिए आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से कर दी। अब इसे लेकर तेजस्वी यादव ने मैथिली ठाकुर पर तीखा हमला बोला है।
आरजेडी कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मैथिली ठाकुर के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सीधे तौर पर उनका नाम तो नहीं लिया, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी एक तस्वीर के साथ उनकी टिप्पणियों की निंदा की। उन्होंने का कि कुछ लोग विधायक बनते ही राजनीति का पूर्ण ज्ञान होने का भ्रम पाल लेते हैं।
तेजस्वी यादव का मैथिली ठाकुर पर पलटवार
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि कुछ लोग विधायक बनते ही राजनीति का पूरा ज्ञान होने का भ्रम पाल लेते हैं। विधायिका की बुनियादी बातें समझे बिना ही उनमें ‘जननायक’ के बारे में टिप्पणी करने का दुस्साहस आ जाता है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि दरभंगा, जो कि मैथिली ठाकुर का निर्वाचन क्षेत्र है, वहां हाल ही में दलित लड़की के दुष्कर्म और हत्या की घटना पर वो चुप्पी साधे रहीं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग आरजेडी शासनकाल को जंगल राज बताते हैं, जबकि हाल में ही उनके खुद के परिवार ने मधुबनी में चोरी की शिकायत दर्ज कराई है और राज्य में उन्हीं की पार्टी की सरकार है।
मैथिली ठाकुर ने भाषण में क्या कहा था?
मैथिली ठाकुर ने अपने भाषण में लालू यादव या उनकी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन '2005 से पहले का बिहार' का जिक्र कर उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि वह उस ओर इशारा कर रही हैं जब राज्य में आरजेडी की सरकार थी।
मैथिली ठाकुर ने कहा, ‘मुझे महाभारत के धृतराष्ट्र का हस्तिनापुर याद आता है, क्योंकि उन्हें हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी। उन्हें सिर्फ अपने दुर्योधन की फिक्र रहती थी।’ इस तरह से उन्होंने लालू प्रसाद यादव की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से की और तेजस्वी यादव को दुर्योधन बताया। उनकी इस टिप्पणी के बाद आरजेडी विधायकों ने सदन में कड़ा विरोध जताया।
Published By : Priyanka Yadav
पब्लिश्ड 21 February 2026 at 10:17 IST