'देश के लिए कुर्बानी देनी पड़ी तो बिहार कभी पीछे नहीं हटता...',शहीद इम्तियाज का पार्थिव शरीर पटना पहुंचा तो भावुक हुए तेजस्वी
मोहम्मद इम्मितयाज की शहादत पर तेजस्वी यादव ने कहा, हम सभी को उन पर गर्व है और अगर कुर्बानी देनी पड़े तो बिहार कभी पीछे नहीं हटता।
पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर में सीमा पर की गई फायरिंग में शहीद हुए मोहम्मद इम्मितयाज का पार्थिव शरीर आज, सोमवार को पटना पहुंचा। यहां से उनकी अंतिम यात्रा छपरा के लिए निकली जहां उनके पैतृक गांव नारायणपुर में सुपुर्दे खाक किया जाएगा। इससे पहले उन्हें पटना एयरपोर्ट पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव शहीद को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश के लिए अगर कुर्बानी देनी पड़े तो बिहार कभी पीछे नहीं हटता।
जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में 10 मई को पाकिस्तान की ओर से सीमा पार से की गई गोलाबारी में अपनी ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए BSF के सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज का पार्थिव शरीर सोमवार को राजधानी पटना लाया गया। एयरपोर्ट पर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने नीतीश सरकार के कई मंत्री, भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल समेत RJD नेता तेजस्वी यादव पहुंचे। सभी ने शहीद के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
कुर्बानी देनी पड़े तो बिहार कभी पीछे नहीं हटता-तेजस्वी
मोहम्मद इम्मितयाज की शहादत पर तेजस्वी यादव ने कहा, हम सभी को उन पर गर्व है। आज ऐसी वीर सेना सीमा पर खड़ी है तभी हम चैन की नींद सो पाते हैं। शहीद इम्तियाज पर हम सभी को गर्व है, उन्होंने यह संदेश दिया है कि हमारे देश में अनेकता में एकता है, हमारे देश में विभिन्न जाति और धर्म के लोग हैं लेकिन जब देश की सुरक्षा की बात आती है तो हम सभी एकजुट होकर दुश्मनों से लड़ते हैं और जीतते हैं। देश के लिए अगर कुर्बानी देनी पड़े तो बिहार कभी पीछे नहीं हटता।
तेजस्वी ने मोहम्मद इम्मितयाज के बेटे का बंधाया ढांढस
इस दौरान तेजस्वी यादव ने शहीद मोहम्मद इम्मितयाज के बेटे इमरान से भी मुलाकात कर उसकी ढांढस बंधाया। तेजस्वी ने अपने X हैंडल पर कुछ तस्वीरों को शेयर किया है जिसमें वो इमरान से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। मोहम्मद इम्तियाज के बेटे इमरान अपने पिता को तिरंगा में लिपटा देख भावुक हो गए और फूट-फूटकर रोने लगे। एयरपोर्ट पर मौजूद सभी ने उनकी हिम्मत बढ़ाई।
छपरा में सुपुर्दे खाक की तैयारी
मोहम्मद इम्तियाज बिहार के छपरा जिले के नारायणपुर गांव के निवासी थे। एक तरफ उनकी शहादत पर पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है तो दूसरी तरफ परिवार में मायूसी भी छाई हुई है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। वो आखिरी बार ईद पर घर आए थे। गांव के लोग बताते हैं कि वो काफी मिलनसार इंसान थे। जब भी वो गांव आते थे सभी से मिलते-जुलते थे, उनके शहादत पर पूरा गांव हमेशा याद रखेगा। वहीं, उनके सुपुर्दे खाक की तैयारी भी की जा रही है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 12 May 2025 at 13:44 IST