Samrat Chaudhary Bihar CM Mulank: सम्राट चौधरी के पावरफुल मूलांक में छिपी है राजनीति की बड़ी जीत, भाग्यांक ने भी दिया पूरा साथ; अंक शास्त्र में जानें
Samrat Chaudhary Bihar CM Mulank:बिहार की राजनीति के प्रमुख स्तंभ और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के व्यक्तित्व में मूलांक और भाग्यांक का एक ऐसा दुर्लभ संयोग है, जो उन्हें एक रणनीतिकार और जननेता दोनों बनाता है। आइए अंक शास्त्र में जानते हैं कि सम्राट चौधरी का मूलांक और भाग्यांक क्या है?
Samrat Chaudhary Bihar CM Mulank: बिहार की राजनीति आज एक ऐतिहासिक मोड़ पर आ खड़ी हुई है। आज सुबह ठीक 11 बजे सम्राट चौधरी ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण कर सत्ता की बागडोर अपने हाथों में ले ली। साल 2024 से 2026 तक उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में अपनी प्रशासनिक कुशलता साबित करने के बाद, आज से उनके राजनीतिक जीवन का एक नया और स्वर्णिम अध्याय शुरू हो रहा है। राजनीति उन्हें विरासत में मिली जरूर है, लेकिन सत्ता के शिखर तक पहुंचने का उनका सफर उनके व्यक्तित्व और उनके सितारों की खास चाल को दर्शाता है। अंक शास्त्र के नजरिए से देखें तो उनकी जन्म तिथि 16 नवंबर 1968 उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक भविष्य के बारे में कई दिलचस्प राज खोलती है।
मूलांक 7 है पावरफुल मूलांक
सम्राट चौधरी का जन्म 16 तारीख को हुआ है, जिसका जोड़ (1+6) मूलांक 7 बनता है। अंक शास्त्र में 7 का अंक 'केतु' का माना जाता है। मूलांक 7 वाले व्यक्ति स्वभाव से बेहद गंभीर, विश्लेषणात्मक और दूरदर्शी होते हैं।
राजनीति में ऐसे लोग अपनी चालें बहुत सोच-समझकर चलते हैं। सम्राट चौधरी के व्यवहार में जो गहराई और आक्रामकता का संतुलन दिखता है, वह इसी मूलांक की देन है। केतु का प्रभाव उन्हें भीड़ से अलग सोचने की शक्ति देता है, यही कारण है कि वे अक्सर ऐसे राजनीतिक निर्णय लेते हैं जो विरोधियों को चौंका देते हैं। मूलांक 7 के लोग आसानी से किसी के सामने अपने पत्ते नहीं खोलते, जो एक सफल राजनेता का सबसे बड़ा गुण है।
भाग्यांक 6 है सत्ता और लोकप्रियता का कारक
जब हम उनकी पूरी जन्म तिथि (16+11+1968) का योग करते हैं, तो हमें भाग्यांक 6 प्राप्त होता है। अंक 6 का स्वामी 'शुक्र' है, जिसे सुख-सुविधा, आकर्षण और नेतृत्व की क्षमता का प्रतीक माना जाता है।
जहां मूलांक 7 उन्हें एक कुशल रणनीतिकार बनाता है, वहीं भाग्यांक 6 उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाने और सत्ता का सुख दिलाने में मदद करता है। शुक्र का प्रभाव ही है कि वे कार्यकर्ताओं के बीच अपनी एक खास चमक बनाए रखते हैं। भाग्यांक 6 जीवन में स्थायित्व और जिम्मेदारी लेकर आता है। बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में उनकी कार्यशैली में जो भव्यता और जिम्मेदारी दिखती है, उसमें भाग्यांक 6 की भूमिका अहम है।
अंक 6 और 7 का 'पावरफुल कॉम्बिनेशन' बनाता है शक्तिशाली
अंक शास्त्र में 7 और 6 का संयोजन एक 'पावरफुल कॉम्बिनेशन' माना जाता है। आपको बता दें, मूलांक 7 के स्वामी केतु हैं। जो मानसिक शक्ति और रिसर्च का कारक है। वहीं भाग्यांक 6 के स्वामी शुक्र हैं। जो मान-सम्मान, शोहरत और धन का कारक है।
Published By : Aarya Pandey
पब्लिश्ड 15 April 2026 at 11:38 IST