अपडेटेड 9 March 2026 at 13:47 IST

Bihar: 'नीतीश कुमार को घोड़ी पर बैठाकर दुल्हन के दरवाजे...', RJD के बयान पर JDU का पलटवार- उनपर दबाव डालकर कुछ कराना इस जन्म में संभव नहीं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद उनके एकलौते बेटे की भी राजनीति में एंट्री हो गई है। अब RJD नीतीश के इस फैसले पर सवाल खड़े कर रही है।

Follow :  
×

Share


Nitish Kumar with his son Nishant Kumar | Image: ANI

बिहारी के राजनीति में इन दिनों नए-नए सियासी घटनाक्रम देखने को मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद उनके एकलौते बेटे की भी राजनीति में एंट्री हो गई है। निशांत कुमार ने आखिकार JDU में शामिल हो ही गए। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका ग्रैंड वेलकम किया। मगर विपक्ष अब नीतीश कुमार के इस फैसले पर सवाल उठा रही है। RJD ने आरोप लगाया है कि परिवारवाद का विरोध करने वाले नीतीश के कथनी और करनी में भारी अंतर है। तो जदयू की ओर से भी आरजेडी को करारा जवाब देते हुए कहा गया है कि नीतीश कुमार कभी किसी के दबाव में रहकर काम नहीं करते हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत की राजनीति में एंट्री को लेकर लंबे समय से अटकलें लगाई जा रही थी। विधानसभा चुनाव के दौरान भी कहा जा रहा था कि निशांत पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी को संभालेंगे, मगर ऐसा हुआ नहीं। अब रविवार को निशांत कुमार ने पटना स्थित पार्टी कार्यालय में आखिरकर जेडीयू की सदस्यता ली। इस दौरान JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, JDU नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह और बिहार JDU अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। अब RJD नीतीश कुमार के इस फैसले पर सवाल खड़े कर रही है।

नीतीश कुमार के कथनी और करनी में भारी अंतर- संजय यादव 

RJD सांसद संजय यादव ने कहा, "निशांत को राजनीति में शामिल होने पर शुभकामनाएं देता हूं। नीतीश कुमार की कथनी और करनी में भारी अंतर है। वे जो निर्णय लेते हैं उन्हें स्वयं को नहीं पता। वे अभी चेतन अवस्था में नहीं हैं इसलिए मैं उनके बारे में ज्यादा टिप्पणी करना उचित नहीं समझता।"

 भाजपा ने निशांत को इन कराया-मृत्युंजय तिवारी 

राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा, "कई महीनों से चर्चा थी कि नीतीश कुमार के सपुत्र निशांत कुमार राजनीति में आएंगे। देखना है कि अब कौन सी जिम्मेदारी निभाएंगे। हमारे नेता ने पहले भी कहा था कि राजनीति में आना चाहिए उनका स्वागत है। लेकिन जिस घटनाक्रम के तहत वे आए हैं। भाजपा ने उन्हें इन कराया, आउट भी भाजपा ही करा देगी और JDU को समाप्त करेगी।"

सरकार नीतीश के मार्गदर्शन में ही चलेगी-संजय झा

वहीं, आरजेडी के आरोपों पर JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा, "बिहार में ये सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही चलेगी। इसमें कोई भ्रम नहीं रहना चाहिए। नीतीश कुमार से दबाव देकर कुछ कराना इस जन्म में संभव नहीं है। ये उनका अपना फैसला है। उनका जो फैसला होगा, पूरी पार्टी उसके साथ रहेगी। वे राज्यसभा में आ रहे हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि बिहार छोड़ कर आ रहे हैं।"


सियासी गलियारों में चर्चा है कि अब निशांत अपने पिता नीतीश कुमार की तरह ही सियासी यात्रा की शुरुआत चंपारण से करेंगे। नीतीश कुमार ने भी अपनी सभी यात्राएं चंपारण से ही शुरू की हैं। उन्हें उपमुख्यमंत्री पद का संभावित दावेदार भी माना जा रहा है। हालांकि इसे लेकर अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। सदस्यता ग्रहण करने के बाद निशांत कुमार ने मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज मैंने जेडीयू की सदस्यता ले ली है। मेरे पिताजी ने राज्यसभा जाने का फैसला किया है। मैं उनके निर्णय को आदरपूर्वक स्वीकार करता हूं।

यह भी पढ़ें: 'हमने ईरान छोड़ने के लिए समय रहते आगाह किया',राज्यसभा में बोले एस जयशंकर
 

Published By : Rupam Kumari

पब्लिश्ड 9 March 2026 at 13:47 IST