Bihar: खरमास के बाद बिहार में होगा बड़ा खेला... 14 अप्रैल को नए CM ले सकते हैं शपथ, रेस में तेजी से उभरे ये नाम
Bihar Politics, Who Will Be Bihar Next CM: नीतीश कुमार ने विधान परिषद की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है, लेकिन बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है।
Bihar Politics: बिहार के राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चल रही 'खेला' होने की अटकलें अब हकीकत में बदलती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य की राजनीति से विदा होकर राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय होने की पटकथा लिखी जा चुकी है। हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए नीतीश कुमार आगामी 10 अप्रैल को संसद सदस्य के रूप में शपथ ले सकते हैं।
इस शपथ ग्रहण के साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी खाली हो जाएगी और राज्य में एक नए नेतृत्व की ताजपोशी का रास्ता साफ हो जाएगा। इससे पहले नीतीश कुमार ने विधान परिषद सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है।
14 अप्रैल की तारीख क्यों है सबसे अहम?
बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल 2026 को बिहार के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस तारीख के पीछे कई कारण हैं-
- हिंदू पंचांग के अनुसार, 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे और खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके बाद ही मांगलिक और शुभ कार्य (जैसे शपथ ग्रहण) किए जाते हैं।
- वहीं, 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती है। बिहार की राजनीति में अंबेडकर जयंती का विशेष महत्व है, इसलिए इस दिन (14 अप्रैल) नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी की चर्चाएं और भी मायने रखती हैं।
CM की रेस में ये दिग्गज हैं सबसे आगे
CM नीतीश कुमार ने 5 मार्च को ही राज्यसभा जाने का ऐलान किया था, ऐसे में तभी से ये कयाश लगाए जा रहे हैं कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। लेकिन अभी एक महीना बीत जाने के बाद भी BJP या JDU ने अगले CM के नाम का खुलासा नहीं किया है। हालांकि, भले ही दोनों पार्टियों में से किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन रेस में कई नाम सबसे तेजी से उभरे हैं, जिनमें कुछ प्रबल भी दावेदार बताए जा रहे हैं…
- सम्राट चौधरी (सबसे मजबूत दावेदार): वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी इस रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। कुशवाहा समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी का पिछले कुछ वर्षों में BJP के भीतर कद बहुत तेजी से बढ़ा है। बिहार में यादव और कुर्मी के बाद अब कुशवाहा समुदाय को नेतृत्व देकर बीजेपी 'लव-कुश' समीकरण को पूरी तरह अपने पक्ष में करना चाहेगी।
- नित्यानंद राय: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी एक कद्दावर विकल्प हैं। वे अमित शाह और PM मोदी के भरोसेमंद माने जाते हैं। यादव समुदाय से ताल्लुक रखने के कारण उनके जरिए BJP आरजेडी के कोर वोट बैंक में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर सकती है।
- वहीं, इस लिस्ट में कुछ चौंकाने वाले नाम भी सामने आने की उम्मीद है, जो पिछले कुछ दिनों से चर्चा में हैं। इसमें उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल और विजय कुमार सिन्हा का नाम चल रहा है।
- इसके अलावा अगर भाजपा अति पिछड़ा को टारगेट करने की कोशिश करती है तो दीघा के विधायक संजीव चौरसिया और MLC डॉ. राजेंद्र गुप्ता का नाम सबसे आगे चल रहा है।
- साथ ही अगर बीजेपी के रणनीतिकार बिहार के अगला मुख्यमंत्री के रूप में दलित कार्ड भी खेलते हैं, तो जनक राम, गुरु प्रकाश, मुरारी पासवान को भी मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा सकता है। अभी तक बीजेपी शासित राज्यों में एक भी दलित मुख्यमंत्री देश भर में नहीं है।
10 अप्रैल को राज्यसभा में शपथ ग्रहण
सूत्रों के अनुसार, 10 अप्रैल को राज्य सभा में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार 11 और 12 अप्रैल को दिल्ली में पीएम मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। फिर पटना लौटने के बाद वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। इसके बाद बिहार की जनता अब 14 अप्रैल का इंतजार कर रही है, जब राज्य की सत्ता नए हाथों में होगी।
Published By : Shashank Kumar
पब्लिश्ड 2 April 2026 at 21:34 IST