Patna Protest: प्रशांत किशोर समेत 700 के खिलाफ FIR, BPSC अभ्यर्थियों को उकसाने का आरोप
प्रदर्शनकाारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें और हल्का बल प्रयोग किया। प्रशांत किशोर समेत 600-700 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
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बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 13 दिसंबर को हुई परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर पटना में विरोध कर रहे प्रदर्शनकाारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रविवार को पानी की बौछारें की और हल्का बल भी प्रयोग किया। साथ ही प्रशांत किशोर, उनकी पार्टी के अध्यक्ष समेत 600-700 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शाम को मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि गांधी मैदान से जेपी गोलंबर की ओर मार्च करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर अवरोधक लांघने की भी कोशिश की।
21 नामजद और 700 अज्ञात के खिलाफ FIR
जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘प्रशासन ने कल ही स्पष्ट कर दिया था कि पटना के गांधी मैदान में कोई भी प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी, इसके बावजूद प्रदर्शनकारी वहां रविवार को इकट्ठा हुए। जिला पुलिस ने प्रशांत किशोर, उनकी पार्टी के अध्यक्ष मनोज भारती, शहर के शिक्षक रामान्शु मिश्रा समेत 21 ज्ञात और 600-700 अज्ञात लोगों के खिलाफ अधिकारियों की मंजूरी के बिना गांधी मैदान में छात्रों की सभा आयोजित करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।’’
'मैं हमेशा प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हूं'
किशोर रविवार को अपराह्न प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और करीब एक घंटे बाद वहां से चले गए। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वह ‘‘निजी दौरे पर दिल्ली तो चले गए हैं, लेकिन उनके पास अपने राज्य के युवाओं के लिए समय नहीं है।’’ किशोर ने अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए यह सुझाव दिया कि छात्र ‘‘सौ-सौ की संख्या में अनशन पर बैठें ताकि कम लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़े।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री के पास प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की शिकायतों को सुनने का समय नहीं है...वह दिल्ली चले गए हैं। जब तक परीक्षा रद्द करने की उनकी मांग स्वीकार नहीं की जाती, तब तक अभ्यर्थियों का विरोध जारी रहेगा। मैं हमेशा प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ हूं।’’ पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को जेपी गोलंबर के पास उस समय हिरासत में लिया, जब उन्होंने जेपी गोलंबर के पास सड़क पर लेटकर यातायात अवरुद्ध कर दिया और सड़क को खाली करने से इनकार कर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें की गईं और हल्का बल प्रयोग किया गया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार युवाओं की चिंताओं के प्रति संवेदनशील रही है। राज्य के मुख्य सचिव ने बीपीएससी अभ्यर्थियों द्वारा अनुमोदित पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मिलने पर सहमति जताई है जो मुख्यमंत्री या किसी उच्च पदस्थ अधिकारी से मुलाकात करने का दबाव बना रहे हैं। लेकिन प्रदर्शनकारी पांच लोगों को नामित नहीं कर पाए हैं।’’
'ऐसी उम्मीद नहीं थी'
एक अभ्यर्थी ने कहा, ‘‘हमें कभी उम्मीद नहीं थी कि सरकार हमारे साथ ऐसा व्यवहार करेगी। हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं...हमारा उन लोगों से कोई लेना-देना नहीं है जो अपने राजनीतिक लाभ के लिए हमारे आंदोलन का समर्थन करने यहां आ रहे हैं।’’ पटना पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने छात्रों को भड़काने के आरोप में पटना के दो शिक्षक रामान्शु मिश्रा और रोहन आनंद को भी गिरफ्तार किया है।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘दोनों सशर्त जमानत पर बाहर हैं और उनका उपचार किया जा रहा है, क्योंकि उनकी हालत ठीक नहीं है।’’ बीपीएससी द्वारा आयोजित 70वीं एकीकृत संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीसीई), 2024 का प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के कारण अभ्यर्थी एक सप्ताह से अधिक समय से परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
(Note: इस भाषा कॉपी में हेडलाइन के अलावा कोई बदलाव नहीं किया गया है)
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 29 December 2024 at 23:41 IST