'नहीं माने नीतीश कुमार', इस्तीफे से पहले बिहार CM से मिलने क्यों पहुंचे थे अनंत सिंह? बोले- वो किसी की बात सुनने को तैयार नहीं

Bihar Politics: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और एमएलसी पद से इस्तीफे की अटकलों के बीच पटना में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। इसी बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जेल से रिहा होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की।

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Nitish Kumar Anant Singh | Image: Facebook

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में रविवार का दिन बेहद गहमागहमी भरा रहा। मुख्यमंत्री आवास, 1 अणे मार्ग पर अचानक जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बड़े नेताओं का आना-जाना शुरू हो गया, जिससे सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और उनके राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच पार्टी के तमाम दिग्गज नेता एक-एक कर उनसे मिलने पहुंचे। 

इस हलचल ने संकेत दे दिए हैं कि बिहार की सत्ता संरचना में सोमवार को कोई बड़ा बदलाव आने वाला है। सबसे पहले विजय कुमार चौधरी और भगवान सिंह कुशवाहा मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे, जिसके बाद कयासों का दौर और तेज हो गया। 

अनंत सिंह ने की मुलाकात 

इस पूरी सियासी हलचल के बीच मोकामा से विधायक और बाहुबली नेता अनंत सिंह की मुलाकात ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। हाल ही में बेऊर जेल से बाहर आए अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत की। जब उनसे नीतीश कुमार के इस्तीफे और उनकी व्यक्तिगत इच्छा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बड़े ही बेबाक अंदाज में कहा कि इच्छा तो सबकी थी कि वे पद पर बने रहें, लेकिन जब वे नहीं माने तो अब क्या किया जा सकता है। 

10 अप्रैल को राज्यसभा शपथ ग्रहण 

खबरों की मानें तो नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो चुके हैं और अब वे बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, सोमवार 30 मार्च को नीतीश कुमार अपने एमएलसी पद से इस्तीफा दे सकते हैं। क्योंकि 10 अप्रैल को होने वाले राज्यसभा के शपथ ग्रहण समारोह से पहले यह कदम बेहद महत्वपूर्ण है।

यही नहीं मुख्यमंत्री आवास पर संजय झा, अशोक चौधरी और ललन सिंह जैसे कद्दावर नेताओं की मौजूदगी इस बात की तस्दीक कर रही है कि पार्टी के भीतर उत्तराधिकारी और भविष्य की रणनीति को लेकर गहन मंथन चल रहा है।

निशांत कुमार के नाम पर सस्पेंस 

नीतीश कुमार के इस संभावित फैसले से बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है। जहां एक तरफ JDU के भीतर नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार के नाम पर उठ रहे सवालों ने भी सस्पेंस बना रखा है। 

हालांकि अनंत सिंह ने निशांत कुमार से जुड़े सवालों पर चुप्पी साध ली, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सोमवार का दिन बिहार की सत्ता के लिए बहुत बड़ा होने वाला है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश कुमार के बाद बिहार की कमान किसके हाथों में होगी?

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Published By : Shashank Kumar

पब्लिश्ड 29 March 2026 at 21:49 IST