अपडेटेड 13 April 2024 at 15:37 IST

रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट में खुलासा, विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे आतंकी; अल-हिन्‍द कनेक्शन आया सामने

बेंगलुरू के रामेश्वरम कैफे ब्‍लास्‍ट मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

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Rameshwaram Cafe Blast: Exclusive First Pictures of Terrorists Post Arrest | Image: Republic Kannada Exclusive

Rameshvaram Cafe Blast: बेंगलुरू के रामेश्वरम कैफे ब्‍लास्‍ट मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एनआईए ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के पास से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। कैफे में आईईडी रखने वाले आरोपी मुसाविर हुसैन शाजिब और विस्फोट की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के मास्टरमाइंड अब्दुल मथीन ताहा के रूप में दोनों की पहचान की गई है।

सूत्रों से अब जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक  कैफे ब्लास्ट का कनेक्शन अल हिंद से जुड़ रहा है। सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार आतंकी अब्दुल मथीन ताहा और मुस्सविर हुसैन शाज़िब लगातार विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे। उन्‍हें  वहां से निर्देश दिए जा रहे थे। ISIS के ये आतंकी हर ऑपरेशन के लिए मॉड्यूल का नया नाम रखते थे। अब्दुल मथीन ताहा ISIS के अल-हिन्द मोड्यूल से जुड़ा था, जिसने 2019 में तमिलनाडु में एक बड़े हिन्दू लीडर की हत्या की थी।

देश के लिए अभी भी बड़ा खतरा अल हिन्‍द

सूत्रों के मुताबिक अभी भी अल-हिन्द देश के लिए बड़ा खतरा है। इसके स्‍लीपर सेल कई राज्यो में फैले हुए हैं। अब्दुल मथीन ताहा ने अल-हिन्द ग्रुप के फाउंडर से संपर्क किया और आतंकी संगठन की ऑनलाइन गतिविधियों में शामिल हो गया। इसके हुनर को देखते हुए ISIS ने 3 लाख रुपये का इनाम भी दिया था।

गतिविधियों को चालू रखने के लिए बदल दिया संगठन का नाम

पकड़े जाने के बाद इन आतंकियों ने अपनी गतिविधियों को चालू रखने के लिए अपने संगठन का नाम बदल लिया।  मॉड्यूल का नाम tirthaalli Module रखा गया। इस  मॉड्यूल का नाम नवंबर 2020 में उस वक़्त सामने आया जब माज़ मुनीर, मोहम्मद शरीक और सैयद यासिन ने बंगलुरू में ISIS के पोस्टर लगाने के आरोप में इन्हें गिरफ्तार किया गया।

इसके बाद सितंबर 2022 में इस संगठन का नाम तब सामने आया जब स्वतंत्रता दिवस के दौरान शिवमोगा में एक शख्स को चाकुओं से गोदा गया इस साजिश के आरोप के माज मुनीर और सैयद यासीन को गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि मोहम्मद शारिक फरार हो गया था। जांच के दौरान मुस्सविर शाज़िब हुसैन, अब्दुल मथीन ताहा और अराफात अली के नाम इस नए मोड्यूल tirthaalli Module में सामने आए।

मोदम्मद का नाम 2022 में एक बार फिर तब सामने आया जब उसने एक कुकर में IED लगाया और वो गलती से मंगलुरु के बाहरी इलाके में फट गया। अराफात अली को दिल्ली एयरपोर्ट पर 15 सितंबर 2023 को NIA ने पकड़ लिया जब वो विदेश से लौट कर वापस हिंदुस्तान आया था। जांच में पता चला कि मोहम्मद शारीक और अराफात अली पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर तब पड़ी जब जनवरी 2020 में कर्नाटक पुलिस बंगलुरू में अल-हिन्द के मोड्यूल का पर्दाफाश किया था।

रिमांड पर बेंगलुरु आए आतंकी

बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे में हुए विस्फोट के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा कोलकाता से गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया गया है। पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। दोनों आरोपियों को नियमित चिकित्सा जांच के लिए ले जाया जाएगा जिसके बाद उन्हें यहां स्थित एनआईए अदालत में पेश किया जाएगा।

कोलकाता की एक अदालत ने विस्फोट मामले में दोनों आरोपियों को शुक्रवार को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजा था और एनआईए को उन्हें कर्नाटक की राजधानी लाने की अनुमति दी थी। एनआई ने आरोपियों मुसव्विर हुसैन शाजिब और ए मथीन अहमद ताहा को यहां रामेश्वरम कैफे में एक मार्च को हुए विस्फोट में उनकी कथित भूमिका के लिए कोलकाता से गिरफ्तार किया था। इस विस्फोट में 10 लोग घायल हो गए थे।

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Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 13 April 2024 at 15:30 IST