अपडेटेड 9 March 2025 at 23:03 IST

बेंगलुरु: कार्य और जीवन में संतुलन की मांग को लेकर 100 से अधिक आईटी कर्मचारी एकत्रित हुए

कर्नाटक राज्य आईटी/आईटीईएस कर्मचारी संघ (केआईटीयू) के आह्वान पर आईटी क्षेत्र में कार्य और जीवन के बीच हितकारी संतुलन का समर्थन करने के लिए रविवार को बेंगलुरु के ‘फ्रीडम पार्क’ में 100 से अधिक लोग एकत्रित हुए।

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office | Image: representative

कर्नाटक राज्य आईटी/आईटीईएस कर्मचारी संघ (केआईटीयू) के आह्वान पर आईटी क्षेत्र में कार्य और जीवन के बीच हितकारी संतुलन का समर्थन करने के लिए रविवार को बेंगलुरु के ‘फ्रीडम पार्क’ में 100 से अधिक लोग एकत्रित हुए। केआईटीयू के सलाहकार वसंतराज ने इस आयोजन पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि बेंगलुरु के एक तकनीकी केंद्र के रूप में दर्जे को देखते हुए कम से कम 6,000 लोगों को अपनी आवाज उठाने के लिए भाग लेना चाहिए था। वसंतराज ने कहा, “हकीकत तो यह है कि बड़ी-बड़ी आईटी कंपनियां डॉलर विनिमय दर के माध्यम से लाभ कमा रहीं हैं लेकिन अंततः कर्मचारियों को निचोड़ रही हैं। पिछले तीन दशकों में आईटी उद्योग को दुनिया का केंद्र बन जाना चाहिए था लेकिन अब भी यह एक सेवा उद्योग ही बना हुआ है।”

केआईटीयू के सदस्य राम ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन इंफोसिस के मानद चेयरमैन नारायण मूर्ति और एलएंडटी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एसएन सुब्रमण्यन की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया के लिए आयोजित किया गया था क्योंकि इन दोनों ने ही ‘वैल्यू चेन’ क्षेत्र की विफलता के लिए कर्मचारियों को दोषी ठहराया है। राम ने कहा, “वे (नारायण मूर्ति और एसएन सुब्रमण्यन) काम के घंटों को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, मानो इससे समस्या हल हो जाएगी। लेकिन काम के घंटों में वृद्धि से वास्तव में उत्पादकता नहीं बढ़ती। चूंकि हाल ही में उनके बयान बड़ी तेजी से सामने आने लगे हैं इसलिए हमने अपनी आवाज के साथ इसका मुकाबला करने का फैसला किया, जिसमें कार्य और जीवन के बीच संतुलन के महत्व पर जोर दिया गया।”

Published By : Ankur Shrivastava

पब्लिश्ड 9 March 2025 at 23:03 IST