'हुमायूं कबीर, अगर आपको बंगाल में रहना है तो...', AJUP अध्यक्ष के बयान पर भड़की सुवेंदु की मंत्री, बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर बवाल
पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर सुवेंदु सरकार के फैसले पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। AJUP अध्यक्ष ने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा कि जब तक दुनिया रहेगी, कुर्बानी होगी। गाय की भी कुर्बानी होगी, बकरी की भी कुर्बानी होगी और ऊंट की भी होगी।
West Bengal news: पश्चिम बंगाल में बकरीद से पहले कुर्बानी को लेकर सियासी घमासान तेज हो रहा है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) ने बीजेपी और सीएम सुवेंदु अधिकारी को खुली चुनौती दी। इस पर बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने हुमायूं की चुनौती पर जवाब देते हुए साफ कहा कि अगर उन्हें बंगाल में रहना है तो नियमों का पालन करना होगा।
नियमों का पालन करना होगा- अग्निमित्रा पॉल
पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा, "हुमायूं कबीर, अगर आपको बंगाल में रहना है, तो आपको बंगाल के नियमों का पालन करना होगा। अगर आपको लगता है कि आप राज्य के नियमों का पालन नहीं कर सकते, तो आप किसी भी दूसरे राज्य में जाने के लिए स्वतंत्र हैं, जहां आपको अनुमति हो या फिर देश के बाहर किसी अन्य इस्लामी देश में जा सकते हैं।"
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर आपको भारत में रहना है, तो आपको यहां के नियमों का पालन करना होगा।
सरकार के फैसले पर भड़के हुमायूं कबीर
बंगाल में सुवेंदु सरकार ने हाल ही में 'वेस्ट बंगाल एनिमल स्लॉटर कंट्रोल एक्ट 1950' के तहत एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया था। इसमें फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाय और भैंस के वध पर सख्त प्रतिबंध को दोहराया गया। बकरीद से पहले यह नोटिस जारी करने पर बवाल मच गया।
हुमायूं कबीर ने इस पर कहा था कि कुर्बानी 1400 साल पहले से चली आ रही है। राज्य में कुर्बानी नहीं रुकेगी। जब तक दुनिया रहेगी, कुर्बानी होगी। गाय की भी कुर्बानी होगी, बकरी की भी कुर्बानी होगी और ऊंट की भी होगी। कुर्बानी के लिए जो पशु जायज हैं, उनकी कुर्बानी होंगी।
AJUP अध्यक्ष ने BJP और CM सुवेंदु अधिकारी को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि आग से मत खेलो। अगर वे कुर्बानी पर रोक लगाने की कोशिश करते हैं तो उनके लिए ही इससे मुश्किलें खड़ी होंगी। किसी भी हाल में मुस्लिम समुदाय कुर्बानी के मामले में कोई समझौता नहीं करेगा।
कलकत्ता HC का बड़ा फैसला
इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट ने बकरीद से पहले पश्चिम बंगाल सरकार की गाइडलाइन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने गुरुवार (21 मई) को कहा कि बिना जरूरी फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय, भैंस, बैल या बछड़े का वध नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने कहा कि खुले सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी पशु का वध पूरी तरह बैन है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला दिया गया कि ईद-उल-जुहा में गाय की कुर्बानी इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं है।
Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 22 May 2026 at 12:30 IST