त्रेतायुग जैसी जगमगाई अयोध्या...10 साल में भव्यता की ओर बढ़ी रामनगरी, दीपोत्सव पर CM योगी का संदेश

अयोध्या में दीपोत्सव 2026 के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले एक दशक में हुए शहर के बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने कारसेवकपुरम में संतों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस सरयू तट पर कभी श्रद्धालुओं पर लाठियां और गोलियां बरसाई जाती थीं, आज वहां लाखों दीये जगमगा रहे हैं और विकास फल-फूल रहा है।

 
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त्रेतायुग जैसी जगमगाई अयोध्या...10 साल में भव्यता की ओर बढ़ी रामनगरी, दीपोत्सव पर CM योगी का संदेश | Image: ANI

अयोध्या में इस बार की दिवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक बदलाव का उत्सव बन गई है। दिवाली 2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में आयोजित भव्य दीपोत्सव के दौरान कारसेवकपुरम में पूज्य संतों के साथ संवाद किया। उन्होंने पिछले एक दशक में अयोध्या में आए क्रांतिकारी परिवर्तन को रेखांकित करते हुए अतीत के संघर्षों और वर्तमान की भव्यता के अंतर को साझा किया।

लाठियों के दौर से लाखों दीयों के प्रकाश तक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू नदी के तटों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब इन्हीं घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं पर लाठियां और गोलियां बरसाई जाती थीं। लेकिन आज समय बदल चुका है; उन्हीं गलियों में विकास फल-फूल रहा है और सरयू के घाट लाखों मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले और आज की अयोध्या के बीच का यह बदलाव हर सनातन प्रेमी को अपार खुशी और गर्व से भर देता है।

वैश्विक पटल पर अयोध्या की नई पहचान

सीएम योगी ने इस युगांतरकारी बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और राम मंदिर आंदोलन में विहिप के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल जैसे दिग्गजों के योगदान को दिया। उन्होंने कहा कि पहले जब अयोध्या का नाम लिया जाता था, तब इसे अनुकूल दृष्टि से नहीं देखा जाता था। परंतु आज अयोध्या का नाम आते ही दुनिया भर के लोगों के दिलों में अपार श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत होता है। नवयुग की इस अयोध्या ने गुलामी की मानसिकता और अतीत के दासता के प्रतीकों को पूरी तरह पीछे छोड़ दिया है।

संतों का आशीर्वाद और दीपोत्सव का संदेश

कारसेवकपुरम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज और अन्य प्रमुख संतों से मुलाकात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की संत परंपरा तपस्या और भक्ति की जीवंत अभिव्यक्ति है।  उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि त्यौहारों का असली आनंद समाज के हाशिए पर खड़े गरीबों और वंचितों के साथ खुशियां बांटने में है। सरयू के 56 घाटों पर जलाए गए लाखों दीयों ने न केवल अयोध्या को रोशन किया, बल्कि पूरे देश को सुख, समृद्धि और सुशासन की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

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Published By : Aarya Pandey

पब्लिश्ड 8 November 2026 at 15:21 IST