राममंदिर में आज से राग सेवा, ऐतिहासिक आयोजन में 45 दिनों तक 100 से अधिक दिग्गज करेंगे कला प्रदर्शन
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के पांचवें दिन यानि 26 जनवरी से राग सेवा का आगाज होगा।
Ramlala Raag Sewa: रामलला के विग्रह की स्थापना के पांचवे दिन से प्रभु श्री राम के चरणों में शास्त्रीय परम्परानुसार विभिन्न राग समर्पित किए जाएंगे। 45 दिनों तक देश के विभिन्न कलाकार अपनी कला के माध्यम से अयोध्या को गुंजायमान रखेंगे।
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ ने सोशल मीडिया के जरिए बताया है कि कैसे भगवान को प्रसन्न करने के लिए रामलला का दरबार राग सेवा से सजेगा।
दिग्गज संगीतज्ञों को न्योता
राग सेवा के लिए देश के दिग्गज संगीतज्ञों को आमंत्रित किया गया है। दिन के सभी पहरों में राग सेवा अपने तय समयानुसार संयोजित होगी, जो राग जिस समय प्रस्तुत किया जाता है, उसकी प्रस्तुति उसी समय पर होगी। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राग सेवा अर्पित करने के लिए कलाकारों से समन्वय का दायित्व कवि, कलाविद् एवं संगीत समीक्षक और अयोध्या राज परिवार के सदस्य यतींद्र मिश्र को सौंपी है।
कहां पर प्रस्तुति?
जन्मभूमि पर राम मंदिर के पांच उप मंडपों में से एक नृत्य मंडप में दिग्गज कलाकार राग सेवा अर्पित करेंगे। राग सेवा पूरी शास्त्रीयता के अनुरूप समर्पित होगी। राग सेवा समर्पित करने की शृंखला में सितार, तबला, पखावज, शहनाई जैसे वाद्य की स्वतंत्र प्रस्तुति होगी। देश की शास्त्रीय नृत्य परंपरा के साथ कई प्रांतों के प्रतिनिधि नृत्य और भजन-सबद और कीर्तन जैसी विधा में गायकी की प्रस्तुतियों से भी अयोध्या गुलजार होगी। दरअसल, उपासना के विशेषज्ञ मानते हैं कि भक्ति के कुछ विशेष साधनों में संगीत सर्वोपरि है और श्री भगवान के सम्मान में इसे अर्पित किया जाना श्रेयस्कर होता है।
श्री रामजन्मभूमि का पोस्ट
ट्रस्ट के ऑफिशियल हैंडल से मंदिर ट्रस्ट ने इसकी जानकारी दी है। लिखा है- शास्त्रीय परंपरा के अनुरूप, कल दिनांक 26 जनवरी 2024 से, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राग सेवा का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन भगवान के समक्ष गुडी मंडप में किया जाएगा, जिसमें देश भर के विभिन्न प्रांतों और कला परंपराओ के 100 से अधिक सुप्रसिद्ध कलाकार अगले 45 दिनों तक भगवान श्री रामलला सरकार के श्रीचरणों में अपनी राग सेवा अर्पित करेंगे। न्यास की ओर से इस कार्यक्रम के कल्पनाकर और संयोजक श्री यतींद्र मिश्र हैं।
Published By : Ravindra Singh
पब्लिश्ड 26 January 2024 at 10:45 IST