लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल, राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बन जाएगा कानून; विपक्ष ने विरोध में किया सदन से वॉकआउट
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा में पारित हो गया है। अब विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह आधिकारिक रूप से कानून बन जाएगा।
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लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी एंटी पेपर लीक बिल ध्वनि मत से पारित हो गया। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच इस महत्वपूर्ण विधेयक पर दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा हुई। राज्यसभा में बिल पर लगभग 7 घंटे तक चर्चा चली। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर उठाए गए सवालों का जवाब दिया। जवाब देने से पहले विपक्षी इंडिया ब्लॉक की पार्टियों के सदस्य सदन से वॉकआउट कर गए।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बिल को उच्च सदन के पटल पर रखा। बिल पर करीब 7 घंटे तक चर्चा होने के बाद वोटिंग हुई। राज्यसभा से एंटी पेपर लीक बिल पास होने के बाद अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह आधिकारिक रूप से कानून बन जाएगा। बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दलों की ओर से लगातार प्रतिक्रिया आ रही है।
राज्यसभा से पास हुआ एंटी पेपर लीक बिल
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 राज्यसभा में पारित हो गया है। विधेयक पर भाजपा सांसद तरुण चुघ ने कहा, “बहुत बधाई का दिन है। प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों के प्रति वचनबद्धता रखी थी। हर हालत में छात्रों का भविष्य सामने रखा गया है। आज ये विधेयक पास हुआ है, मैं इसका स्वागत करता हूं। सराहना करता हूं...INDI ब्लॉक छात्रों की राजनीति को हथियाने का कई बार प्रयास करता था लेकिन एक शब्द भी सुझाव के रूप में उनके मुख से नहीं निकला।”
विपक्ष ने बिल के विरोध में किया सदन से वॉकआउट
एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में पारित होने और विपक्ष के वॉकआउट पर DMK सांसद तिरुचि शिवा ने कहा, "हमने वॉकआउट नहीं किया। DMK, DMDK और दूसरी पार्टियों सदन में मौजूद थी। हमने कुछ संशोधन लाने की कोशिश की लेकिन वे सिर्फ विपक्ष के नेता को जवाब दे रहे थे। हम जवाबों से असंतुष्ट नहीं हैं। NEET को लेकर हमारे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
बिल पर JDU सांसद ने क्या कहा?
JDU सांसद संजय झा ने बिल पास होने पर कहा, "ऐतिहासिक विधेयक था। ये बिल पारित होने से स्पष्ट हो गया है कि इसे ऑर्गनाइज्ड क्राइम मान लिया गया है। 5 महीने में ट्रायल कराके सजा हो जाएगा। प्रधानमंत्री द्वारा जो कमेटी बनाई गई है। टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल होगा...जब छात्र अपनी बात रख रहे थे तब विपक्ष अपनी राजनीति कर रहा था और आज जब सदन में इतने महत्वपूर्ण विधेयक को पारित करने का समय आया तब विपक्ष वॉकआउट करके चला गया।
नए विधेयक में क्या है खास?
बता दें कि इस बिल के माध्यम से पेपर लीक और परीक्षा में धांघली से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने कई नए कदम उठाए हैं। नए विधेयक का मकसद सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024' में संशोधन करना है। इसके साथ ही सख्त कानूनी प्रावधानों के जरिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ाना है, साथ ही यह भी सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित रहे।
जुर्माना से लेकर सजा तक का प्रावधान
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 में सजा का भी प्रावधान है। नए प्रावधानों के अनुसार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम 5 साल और अधिकतम 10 साल के कारावास की सजा हो सकती है। इसके साथ 50 लाख रुपये तक का जुर्माना का भी प्रावधान है।
Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 30 July 2026 at 22:19 IST